बैकुंठपुर शहर सहित जिले भर में बिजली व्यवस्था सहित सड़क सुरक्षा को लेकर शहरवासियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बिजली विभाग की लापरवाही: जर्जर तार और मनमानी कटौती से जनता त्रस्त

बैकुंठपुर। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बिजली की चरमराती व्यवस्था और शहर की यातायात सुरक्षा को लेकर नागरिकों में कई समय से आक्रोश रहा है।गुरुवार दिनांक 04 जून 2026 को स्थानीय लोगों ने कलेक्टर को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की है ज्ञापन में उल्लेखित है कि यदि जिम्मेदार विभाग ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो शहर की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।

बिजली विभाग की लापरवाही: जर्जर तार और मनमानी कटौती से जनता त्रस्त:–
शहरवासियों का कहना है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली की स्थिति बदतर हो चुकी है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें उठाई गई हैं:लोड टेस्टिंग और ट्रांसफार्मर: ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते बोझ के कारण आए दिन उपकरण जलने की समस्या से मुक्ति के लिए उनकी क्षमता बढ़ाकर मानक स्तर के नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं।
सुरक्षा का खतरा: शहर के मुख्य मार्गो पर लटकते जर्जर तार किसी भी समय बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रहे हैं। इन्हें बदलकर मानक स्तर के केबल लगाए जाएं।
पारदर्शी मेंटेनेंस: मेंटेनेंस के नाम पर होने वाली अघोषित बिजली कटौती का कोई ठोस नतीजा नहीं दिख रहा। विभाग को मेंटेनेंस कार्यों की सार्वजनिक सूची जारी करनी चाहिए।हेल्पलाइन सुविधा: संकट के समय बिजली कार्यालय में फोन न उठना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। जनता के लिए 24 घंटे कार्यरत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर तत्काल शुरू किया जाए।
गेज नदी पुल पर जानलेवा स्थिति: सुधार की सख्त जरूरत
शहर के गेज नदी पुल के पास बने टेढ़े मार्ग को लेकर भी नागरिकों ने गहरा डर व्यक्त किया है।
दुर्घटनाओं का खतरा: पुराने और नए पुल के जुड़ाव के कारण मार्ग टेढ़ा हो गया है, जिससे वाहन चालकों को आए दिन दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इसके बचाव हेतु पुल के दोनों ओर ‘हाई विजिबल रेडियम बोर्ड’ लगाने की मांग की गई है।
सड़कों की दुर्दशा: पुल और सड़क के जोड़ पर बार-बार गड्ढे हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने इसे ‘पैचवर्क’ के बजाय स्थायी रूप से दुरुस्त करने का आग्रह किया है।

खेल सहित आयोजन हेतु मैदान का सुझाव व ट्रैफिक प्रबंधन: ज्ञापन में उल्लेखित है कि शहर में सरकारी और बड़े कार्यक्रमों के लिए रामानुज विद्यालय के मैदान पर अत्यधिक भार पड़ता है। जनता ने सुझाव दिया है कि खाली पड़े एसईसीएल के मैदान को भी कार्यक्रमों के लिए आरक्षित किया जाए, ताकि शहर की मुख्य सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या से राहत मिल सके। उक्त मांग पर जिला कलेक्टर ने सकारात्मक आश्वासन दिया है व्यवस्था सुदृढ़ करने की बात कही है।

इस दौरान समाजसेवक साहित्यकार संवर्त कुमार रूप, पार्षद मंडलअध्यक्ष अनिल खटीक, पार्षद मनीष कुमार सिंह, पार्षद अभिनेंद्र सिंह चंदेल, शहीद अशरफी, महेंद्र सिंह मौजूद रहे। देखना होगा कि प्रशासन इन मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।



