सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने किया हाथी प्रभावित सरईगहना पण्डो पारा का दौरा; पण्डो जनजातियों की समस्याएं सुन मौके पर दिए निर्देश

*एस. के.”रूप”*
बैकुंठपुर (कोरिया)/
सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के सांसद चिंतामणि महाराज ने अपने व्यस्त प्रोटोकॉल से परे जाकर कोरिया जिले के दूरस्थ और हाथी प्रभावित क्षेत्र सरईगहना पण्डोपारा (पण्डो बस्ती) के जंगल के भीतर पहुँचकर पण्डो जनजातीय वर्ग की सुधि ली। भारी बरसात के बीच पण्डो बस्ती के गणेश पंडाल में आयोजित इस चौपाल में सांसद ने सीधे आमजन से जमीनी संवाद किया। दौरा कार्यक्रम में जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष संवर्त कुमार रूप और जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा,बसंत राय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

पारंपरिक आत्मीय स्वागत और विघ्नहर्ता का आशीर्वाद:–
सरगुजा सांसद के पण्डो बस्ती में आगमन पर केंद्रीय उपाध्यक्ष संवर्त कुमार रूप के मार्गदर्शन में ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक रीति-रिवाज से तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात सांसद सरगुजा ने पण्डो समाज द्वारा स्थापित गणेश पंडाल में पहुंचकर प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश का पूजन-अर्चन किया और आशीर्वाद लिया। सांसद ने सीधे जनजातीय माताओं, भाइयों और युवाओं से संवाद स्थापित किया।

प्रोटोकॉल के बाहर हाथियों का नहीं भय: सांसद चिंतामणि महाराज के कोरिया दौरा कार्यक्रम में शासन द्वारा प्रोटोकॉल में कहीं भी पण्डोबस्ती का दौरा नहीं था लेकिन कोरिया आने के पहले ही सांसद महोदय ने कोरिया जिले के पण्डो जनजाति के साथ बैठक करने का विचार बना लिया था इसके लिए जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष संवर्त कुमार रूप से संपर्क कर पण्डो बाहुल्य उचित ग्राम का चयन करने की बात कही गई थी। श्री रूप ने सांसद महोदय तक अन्य माध्यम से सारी जानकारी पहुंचा दी थी इसी बीच सरई गहना क्षेत्र में हाथियों का आगमन हुआ जिसमें दो जानवर क्षतिग्रस्त भी हुए। इसे देखते हुए भी सरगुजा सांसद ने तनिक भी भय नहीं दिखाया उन्होंने कहा वह जनजातियों के पास जाएंगे एवं उनकी समस्याओं को सुनेंगे। उनका अधिकांश जीवन जल जंगल जमीन में ही बीता है सांसद की यह उदारता देखकर सभी हतप्रभ थे।

जाति प्रमाण पत्र की समस्या पर तत्काल एक्शन:–
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने एकस्वर में जाति प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण आ रही भारी परेशानियों को सांसद के समक्ष रखा। इस गंभीर विषय पर प्रकाश डालते हुए संवर्त कुमार रूप ने बताया कि पुराने राजस्व एवं बंदोबस्त रिकॉर्ड (खसरा, खतौनी आदि) में स्थानीय बोलियों और उच्चारण के भ्रम के चलते ‘पण्डो’ जनजाति को कई जगहों पर ‘भुईहर’ दर्ज कर दिया गया है।
सांसद को यह भी अवगत कराया गया कि छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों (जैसे दुर्ग, भिलाई और रायपुर) में निवास करने वाले ‘भूमिहार’ सवर्ण एवं उच्च शिक्षित वर्ग से बिल्कुल अलग हैं, जबकि पण्डो जनजाति केंद्र एवं राज्य की अनुसूची में शामिल अत्यंत पिछड़ी (विशेष पिछड़ी) जनजाति है।
इस तकनीकी त्रुटि पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए सांसद चिंतामणि महाराज ने एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी और सरपंच को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष ग्राम सभा के प्रस्ताव, समाज के बुजुर्गों व प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों के अनुशंसा पत्र और राजस्व अमले द्वारा शिविर लगाकर इस त्रुटि का त्वरित सुधार किया जाए ताकि पण्डो वर्ग के बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।

पेयजल और अन्य बुनियादी मांगों पर ज्ञापन और त्वरित निर्देश:–पेयजल समस्या: ग्रामीणों द्वारा पीने के पानी की गंभीर समस्या बताए जाने पर सांसद ने तुरंत पीएचई विभाग के अधिकारी को निर्देशित कर एक हफ्ते के भीतर शुद्ध पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष संवर्त कुमार रूप ने सांसद को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें पण्डो वर्ग सहित संपूर्ण ग्रामीण हित से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए गए:
शिक्षा की व्यवस्था: सरईगहना में हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना की मांग प्रमुखता से रखी गई, ताकि बालिकाओं और बालकों को प्राथमिक शिक्षा के बाद कई कोस दूर न जाना पड़े (अभाव के कारण कई बच्चे आगे की पढ़ाई छोड़ देते हैं)।
अन्य मांगें: शिक्षित जनजातीय युवाओं के लिए सरकारी रोजगार के अवसर, वन अधिकार पत्रक, फौती नामांतरण,महिलाओं को रोजगार शिक्षित बेटियों का उन्नयन विवाह आदि में सुविधा, गणेश पंडाल में शेड व चबूतरे का निर्माण तथा पण्डो सामुदायिक भवन की मांग शामिल रही।
प्रशासनिक अमले की रही उपस्थिति:–
सांसद चिंतामणि महाराज ने समिति के ज्ञापन को गंभीरता से पढ़ा और शासन स्तर के नीतिगत विषयों पर उचित पहल करने का पूर्ण आश्वासन दिया। इस जन-संवाद कार्यक्रम में सरईगहना पण्डो बस्ती के ग्रामीण, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेंद्र श्रीवास, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ए पन्ना, वन विभाग, पशु चिकित्सा, कृषि, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



