कोरिया

आलमसाय के खेतों में हरियाली और परिवार में खुशहाली का कारण बनी डबरी

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कोरिया /हर किसान के लिए सिंचाई का संसाधन वह मदद है जिससे वह बंजर धरती को भी हरा भरा कर सकता है। लंबे समय से सिंचाई के लिए केवल वर्षाजल पर आश्रित रहने वाले मेहनती किसान आलमसाय के साथ भी कुछ एैसा ही था। पिछड़ा वर्ग से आने वाले आलमसाय के पास जमीन तो थी पर जल नहीं था। उनके लिए मेहनत के बदले अच्छे लाभ का कोई साधन नहीं था। उनके खेतों में समय पर आवश्यक सिंचाई की समस्या का कोई निदान नहीं मिल रहा था। ऐसे में रोजगारमूलक योजना के तहत मिली एक निजी डबरी ने उनके लिए बड़ा काम किया है। यह एक छोटा सा जल संसाधन उनके खेती के कार्य को अब लाभप्रद बना रहा है। डबरी से सिंचाई का साधन बन जाने के बाद आलमसाय ने अपने दो एकड़ खेतों में धान की फसल के साथ कई अन्य फसलों की खेती कर ली है।

बारिश के भरोसे होता था नुकसान :

कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पुसला में रहने वाले आलमसाय के पास केवल कृषि ही आजीविका का साधन है। उनके पास लगभग दो एकड़ की पैतृक भूमि है और वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अपने खेतों में मेहनत करते हुए जीवन यापन करते हैं। पहले उनके खेतों में सिचाई का कोई साधन ना होने से वह केवल वर्षाजल पर निर्भर रहते थे। ऐसे में अक्सर धान की रोपाई या फिर नर्सरी तैयार करते समय बारिष ना होने से उन्हे हमेषा नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही फसल पकते समय भी बारिष कम हो जाने से अच्छी फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसानी उनके लिए एक घाटे का सौदा साबित हो रहा था।

डबरी बनी बहुपयोगी संसाधन :

आलमसाय ने ग्राम सभा में रोजगारमूलक योजना के अंतर्गत निजी डबरी की जानकारी प्राप्त होने पर अपने खेतों में डबरी बनाए जाने की मांग अपनी ग्राम पंचायत में रखी। ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव के आधार पर उन्हे गत वर्ष आजीविका डबरी की स्वीकृति प्राप्त हुई। मेहनती किसान आलमसाय ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने खेतों में एक डबरी बनाई और उचित जगह का चयन करने से खुदाई के साथ ही उनकी डबरी में पानी भरने लगा। बारिश में पूरी तरह से जलभराव होने के बाद उनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई की सुविधा हो गई है।

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सिंचाई के साथ मछलीपालन :

किसान आलमसाय ने बताया कि डबरी में भरपूर जल होने से इस बार उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई समय पर की है जिससे उन्हे अच्छी फसल मिलने की आस है। साथ ही वह अपने डबरी में मछलीपालन के लिए तीन किलोबीज डाल चुके हैं। जिससे आने वाले सालों में मछली पालन से उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। आलमसाय ने बताया कि सिंचाई की सुविधा बन जाने से वह पहली बार रबी की फसल लगाने को तैयार हैं। डबरी का संसाधन मिल जाने से इस मेहनतकश किसान के जीवन में खुशहाली की नई राह बन गई है। अब उनका परिवार बेहतर आजीविका के ससाधनों की ओर आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आलमसाय जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।

 

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