मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर

वन परिक्षेत्र बहरासी के ग्राम पंचायत धोवाताल में जंगली हाथियों के द्वारा दो घर को तोड़ दिया गया

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एमसीबी/ मनेंद्रगढ़ वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र बहरसी के ग्राम पंचायत धोवताल में 12 हाथियों के दल के द्वारा दो घरों को तोड़ दिया गया यह आतंक अभी समाप्त नहीं हुआ है विगत दिनों वन परिक्षेत्र केल्हारी में हाथियों के द्वरा एक ग्रामीण को मार दिया गया।

1-7-768x1024 वन परिक्षेत्र बहरासी के ग्राम पंचायत धोवाताल में जंगली हाथियों के द्वारा दो घर को तोड़ दिया गया

मिली जानकारी के अनुसार विकासखण्ड भरतपुर के ग्राम पंचायत धोवताल के आश्रित ग्राम मंटोलिया में सुखलाल चेरवा पिता सोनसाय चेरवा ,रामसिंह चेरवा पिता रामकरण चेरवा घर तोड़े दिया गया और वहां रखा उनका अनाज हाथियों के द्वारा चट कर दिया गया हैं वहीं ग्राम पंचायत धोवताल सरपंच गोकुल सिंह के द्वारा बताया कि अभी हाथी यही अपना डेरा जमाए हुए हैं उनके द्वारा बताया गया की अभी हाथी आश्रित ग्राम मंटोलिया से लगभग 3,4 किलोमीटर अंदर जंगल में चलकी कंदाबारी में देखे गये हैं जहां वन विभाग हाथियों के हरकत में नजर बनाये हुए हैं।

वन विभाग को हाथियों को भगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। हाथियों के हमले से निपटने के लिए वन विभाग को प्रभावी कदम उठाने होंगे। वन विभाग की जिम्मेदारी

वन विभाग की यह जिम्मेदारी है कि वह हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखें और उनके हमले की आशंका वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजाम करें। वन विभाग को हाथियों को भगाने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए और उनकी सलाह के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, वन विभाग के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

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ग्रामीणों के लिए सावधानियां

ग्रामीणों को हाथियों के हमले से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिएः
– हाथियों के करीब न जाएंः हाथियों के पास जाने से बचें और उनके आसपास न खड़े हों।
– शोर-शराबा न करेंः हाथियों के पास शोर-शराबा करने से बचें, इससे वे आक्रामक हो सकते हैं।
– फसल और घर की सुरक्षाः हाथियों से अपनी फसल और घर को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, लेकिन अपनी जान जोखिम में न डालें।
– सड़क पर सावधानीः सड़क पर चलते समय सावधानी बरतें और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखें।
– प्रशासन की मदद लेंः हाथियों द्वारा किए गए नुकसान के लिए प्रशासन से मदद लें और उनकी भरपाई का लाभ उठाएं।

वन विभाग की लापरवाही

वन विभाग की लापरवाही के कारण हाथियों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। वन विभाग को चाहिए कि वह हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और उनके हमले की आशंका वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए ठोस कदम उठाए। वन विभाग के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

निष्कर्ष

वन विभाग और ग्रामीणों को मिलकर हाथियों के हमले से निपटने के लिए काम करना होगा। वन विभाग को प्रभावी कदम उठाने होंगे और ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियां बरतनी होंगी। वन विभाग को अपनी जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। साथ ही, वन विभाग को हाथियों को भगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

हाथियों के हमले से बचने के लिए अतिरिक्त सुझाव

– हाथियों के हमले की स्थिति में शांत रहें और घबराहट में कोई कदम न उठाएं।
– हाथियों के पीछे न जाएं, इससे वे आक्रामक हो सकते हैं।
– हाथियों को कभी भी चारा न दें, इससे वे आदमखोर हो सकते हैं।

हाथियों के हमले के बाद की कार्रवाई

– प्रशासन को सूचित करें और हाथियों के हमले की घटना की जानकारी दें।
– चिकित्सा सहायता लें और घायलों का इलाज कराएं।
– नुकसान का आकलन करें और प्रशासन से भरपाई का लाभ उठाएं।¹

हाथियों के हमले से निपटने के लिए सामुदायिक प्रयास

– ग्रामीणों को हाथियों के हमले से बचने के लिए जागरूक करें और उन्हें आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए निर्देश दें।
– हाथियों के हमले की जानकारी साझा करें और ग्रामीणों को सतर्क करें।
– प्रशासन के साथ सहयोग करें और हाथियों के हमले से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

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