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राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजाति सुखलाल पंडो को मिला न्याय

जनहित संघ अंतर्गत पंडो विकास समिति की नि:स्वार्थ जन सेवा की एक और बड़ी मिसाल

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एस. के ‘रूप’

एमसीबी –जनकपुर/ राष्ट्रपति के दत्तकपुत्र जनजाति के अति पिछड़े बीहड़ पहुंच विहीन ग्राम के सुखलाल पण्डो आत्मज महाबली पण्डो को विगत कई वर्षों के बाद जनहित संघ अंतर्गत पंडो विकास समिति के संज्ञान में मामला आने पर आखिरकार न्याय मिल ही गया।

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आपको बता दें एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड के कोटाडोल तहसील अंतर्गत ग्राम मोगरा निवासी सुखलाल पण्डो आत्मज महाबली पंडो को उसकी वर्षों पुरानी पैतृक भूमि 117/4 व 123/ 12 पर गांव के ही दबंग व्यक्ति द्वारा जान से मार डालने, गाली गलौज मारपीट करके भयभीत कर भगा दिया गया था लेकिन सुखलाल भागा नही वहीं रहा और उससे निवेदन करता रहा ऐसा एक बार नहीं हुआ जब भी पंडो जनजाति का सुखलाल अपनी बात रखना उसके साथ बुरा व्यवहार झगड़ा लड़ाई करके दबंग व्यक्ति द्वारा भगा दिया जाता था। जिसकी शिकायते हुई,प्रकरण चले थे लेकिन कोई ठोस हल नहीं हुआ था।

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जनहित संघ को सुखलाल ने सुनाई आप बीती

विगत कुछ ही दिनों पहले सुखलाल पण्डो द्वारा जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष एस. के. ‘रूप’ को सारी आप बीती सुनाई गई साथ ही अपना रिकॉर्ड दिखाया जो भूमि उसके पिता महाबली पंडो के नाम दर्ज थी और उसके पहले बाबा झपरा के। केंद्रीय उपाध्यक्ष ने सुखलाल को जल्द निराकरण कर उसका अधिकार दिलाने की बात कही। और जनहित संघ उक्त पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने लग गया।

जनहित संघ ने पुराना रिकॉर्ड खंगाला :–

सुखलाल का रिकॉर्ड पर्याप्त नहीं था प्रकरण के उचित निराकरण हेतु अन्य पुराने रिकॉर्ड नक्शा खसरा 1935–36 अधिकार अभिलेख 1954–54 आदि संस्था के द्वारा निकाले गए जिसमें उक्त दर्शित भूमि सुखलाल के पिता महाबली पण्डो के नाम पर दर्ज रही जिस पर दबंग व्यक्ति जबरन अपना अधिकार सिद्ध करना चाहता था।

अपर कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से मिले सुखलाल धरमसाय

जनहित संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष श्री रूप ने सुखलाल पण्डो और उसके पुत्र धरमसाय पण्डो को अपर कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से बीते १२/०९/२०२४ को भेंट कराया। समस्या और आवेदन दिलाया।
अपर कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति मामला पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए तहसीलदार कोटाडोल को तुरंत उचित कार्य हेतु आदेशित किया।

(अगले अंक में: सुमित्रा,कलावती,महेश के पिता और बाबा की भूमि में एक और गांव का दबंग व्यक्ति जता था अधिकार ये कैसा जंगलराज?ग्राम खमरौध का मामला)

तहसीलदार ने मौके पर जाकर किया निराकरण :–

आपको बता दे ग्रामीणों के अनुसार गांव का दबंग घोषित करने वाला उक्त व्यक्ति बदमाश किस्म का है वह मारपीट गाली गलौज में उतारू हो जाया करता है ऐसे में स्थिति में तहसील कोटाडोल श्री तिवारी ने खुद मोर्चा संभाला वे बीहड़ वनक्षेत्र में ऊबड़ खाबड़ रास्ते पर दुपहिया के माध्यम से गए और उभय पक्षों को समझाइश दी। दिनांक ०२/०४/२०२४ के पारित आदेश को सुनाया । दबंग व्यक्ति की भूमि ११७/६ और ७ जो सुखलाल से लगी है वहीं रहने खेती करने व सुखलाल को अपनी भूमि में खेती करते रहने की बात कही। उन्होंने जो रिकार्ड दुरुस्त नहीं था वह भी मौके पर दुरुस्त किया साथ ही ग्राम वासियों के हस्ताक्षर सहित पंचनामा अन्य तैयार करते हुए सुखलाल की पेसिलिंग कि उसकी भूमि जो कम दिख रही थी रिकॉर्ड के आधार पर उसे बढ़ाकर दुरुस्त किया इस प्रकार विगत कई वर्षों से पीड़ित राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र जनजाति छत्तीसगढ़ के विशेष पिछड़ी जनजाति अनुसूची में शामिल सुखलाल पण्डो एवं उसके परिवार को न्याय मिला वह दबंग के भय से मुक्त हुआ परिजनों ने प्रशासन को इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस पूरे मामले के निराकरण में जनहित संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष के मार्गदर्शन में जनहित संघ के जिला प्रमुख सतीश मिश्रा, प्रचार प्रसार सह मीडिया प्रमुख गणेश तिवारी, केंद्रीयअध्यक्ष पण्डो विकास समिति नंदलाल पण्डो, युवा प्रभारी एमसीबी रामशरण पण्डो बैगा जनजाति प्रभारी जितेंद्र बैगा, बृजलाल पण्डो,प्रभार कोटा डोल सोन साय पण्डो, शोभान पण्डो,मोहन पण्डो, अत्तु प्रसाद पण्डो, सुखसेन पण्डो ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

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