
बैकुण्ठपुर/ सतनाम पंथ के प्रवर्तक संत शिरोमणी परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास जी के 268 वीं जयंती को कोरिया जिले में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज जिला- कोरिया के द्वारा जिला स्तरीय गुरू घासीदास जयंती समारोह के रूप में सतनाम धाम सुभाषनगर चरचा कॉलरी में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

जयंती पूर्व संध्या पर मिनीमाता महिला प्रकोष्ठ की जिला संरक्षक श्रीमती त्रिवेणी कुर्रे के नेतृत्व में जय स्तम्भ परिसर में 268 सतदीप प्रज्जवलित किया गया। जयंती दिवस प्रथम चरण में गतौरा जिला- बिलासपुर से आए हुए जय सतनाम पंथी चौका पार्टी के द्वारा चौका का आयोजन किया गया। द्वितीय चरण में बाबा जी की शोभा यात्रा जिला संयोजक प्रो0 एम0 सी0 हिमधर, जिला कोषाध्यक्ष जागृत कुमार कुर्रे, जिला अध्यक्ष अशोक निराला एवं ध्वज वाहक डॉ. मनीष कुर्रे के नेतृत्व में निकाली गई, जो गुरू गद्दी से प्रारम्भ होकर जय स्तम्भ परिसर में विधिवत धाम प्रभारी बाबा सुखराम महिपाल के मार्गदर्शन में 07 फेरे और पूजन अर्चन कर डॉ. मनीष कुर्रे एनेस्थेसिया विशेषज्ञ जिला अस्तपाल बैकुण्ठपुर के द्वारा पालो चढ़ाया गया।

तद्उपरांत जिले भर से आए हुए अनुयायियों एवं अतिथियों ने पूजा आरती कर बाबा जी के दिखाए सत्य, अहिंसा, मानवता और समरसता के राह पर चलने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नतकोत्तर महाविद्यालय बैकुण्ठपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों द्वारा शानदार पंथी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। तृतीय चरण में जयंती समारोह श्रीमती सौभाग्यवती सिंह कुसरो, अध्यक्ष जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के मुख्य आतिथ्य, श्री अशोक निराला जिलाध्यक्ष के अध्यक्षता एवं श्रीमती वंदना राजवाड़े जिला पंचायत सदस्य कोरिया, श्री राजेश सिंह उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद शिवपुर-चरचा, पार्षद श्री अभिमन्यु मुदुली, कुण्डल साय, संजय देवागंन तथा रामचन्द्र राजवाड़े के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया। जिला इकाई, मिनी माता महिला प्रकोष्ठ, चरचा कॉलरी, बैकुन्ठपुर, पाण्डवपारा, सूरजपुर इकाई के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा समस्त अतिथियों का महामाला से भव्य स्वागत किया गया। जिला संरक्षक श्री एम0 एस0 सोनवानी के द्वारा स्वागत उद्बोधन एवं गुरूवाणी प्रस्तुत करते हुए बाबाजी के 07 सिद्धान्त एवं 42 अमृतवाणी पर संक्षिप्त प्रकाश डाला एवं बाबाजी के बताए सत्य के मार्ग पर चलकर मानवता की सेवा करने की अपील की। कार्यक्रम के अगले चरण में पुरस्कार वितरण किया गया जिसमें पं.ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय पटना में संत गुरूघासी दास जी के सप्त सिद्वांतों की वर्तमान में प्रासंगिकता विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता के विजेता प्रथम अर्पित कुमार, द्वितीय तृलेश्वर एवं तृतीय यशवंत साहू, शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय बैकुण्ठपुर में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम कु. मनीषा, द्वितीय सरीता सिंह, तृतीय लक्ष्मी राजवाड़े तथा शासकीय रामानुज पीजी कालेज में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम विशु कुमार, द्वितीय तनिषा एवं तृतीय साक्षी देवांगन तथा धनेश्वर, महिलाओं के लिए आयोकित कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम मनीषा सोनवानी द्वितीय कविता सोनवानी तथा तृतीय गौरी महेश को प्रश्स्ति प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो देकर अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत किया गया। स्व. डॉ. जी.डी. बघेल स्मृति विशेष सम्मान अंतर्गत प्रियांशु दिवाकर को नीट पास करने, हर्षवर्धन बारले को डेन्टिस्ट बनने, शिशिर हिमधर को बी.एड. उत्तीर्ण करने, रितेश मधुकर को सहायक प्रबंधक बनने, अरूण कुमार निराला को पदोन्न होकर सहायक अभियंता बनने, कलेश्वर प्रसाद जोगी को पदोन्न्त होकर परीक्षण सहायक ग्रेड – 2 बनने और सतनाम धाम चरचा को विशेष देख-रेख और साफ-सफाई कार्य करने वाले सहतुश और संतोषी लहरे को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम अन्तर्गत शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुण्ठपुर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों आकाश सिंह एवं साथी कृष्णा एवं ग्र्रुप, तनिषा एवं ग्रुप, नीरज एवं ग्रुप, कन्या महाविद्यालय से सुहानो एवं गु्रप पटना कालेज से अर्पित एवं ग्रुुप चरचा से बेबो ग्रुप, कुणाल ग्रुप चिरमिरी से आरती एवं ग्रुप तथा सिनियर स्वयं सेवकों में घनश्याम एवं ग्रुप तथा कन्हैया एवं के द्वारा शानदार पंथी नृत्य की प्रस्तुति दी गई जिसकी दर्षकदीर्घा ने सराहना की। उद्बोधन के क्रम में विशिष्ट अतिथि राजेश सिंह ने जयंती पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए बताते हुए कहा कि बाबा जी के विचार सदैव प्रासंगिक रहे है जिसे हर किसी को अनुशरण करना चाहिए। बाबा जी का आशीर्वाद समाज के बच्चों में देखने को मिल रहा है, जो लगातार उच्च शिक्षा ग्रहण कर उपलब्धि प्राप्त कर समाज को गौरवान्वित कर रहे है। श्रीमती वंदना राजवाडे़ ने कहा कि- आज जयंती में आकर मैनें गुरूघासीदास जी की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बाबा जी ने जाति पाती और छुआछुत के भेदभाव को मिटाने के लिए कार्य किया और समानता और समरस्ता की जो सीख दी है वह जो आज भी प्रासंगिक है। मुख्य अतिथि श्रीमती सौभाग्यवती सिंह ने उद्बोधन देते हुए कहा कि- मेरा परम् सौभाग्य है कि मुझे इस जयंती में शामिल होने का अवसर मिला है। बाबा गुरूघासीदास शांति, समरस्ता, समानता, भाईचारा और मानवता के संवाहक रहे हैं। साधारण परिवार में जन्में बाबा जी अपने कर्मों से आज महान हो गये जिन्हें पूरे देश के लोग पूजते हैं। उनके दिये हुए उद्देश्यों एवं विचारों को जीवन का मूलमंत्र मानकर चलेंगें तब हमारे जयंती मनाने का उद्देश्य सार्थक होगा। इस अवसर पर कोरिया जिले में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक आई.पी.एस. श्री रविकुमार कुर्रे जी का भी आगमन हुआ जिन्होनें अपने उद्बोधन में कहा कि बाबा गुरूघासीदास जात- पात में भेदभाव को मिटाते हुए मनखे- मनखे एक समान का संदेश दिया है, उनके दिए गए 07 सिद्धान्त और 42 अमृतवाणी सदैव अनुकरणीय है, उन्होनें सभी अभिभावकों से कहा कि भले ही एक रोटी कम खाइये किन्तु अपने बच्चों को अच्छे से शिक्षा दीजिए। क्यांकि जीवन के निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। अंत में उन्होंने वेहतरीन जयंती आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दिया। उप पुलिस अधीक्षक श्री श्याम मधुकर एवं न्यायाधीश श्री खाण्डेकर जी भी उपस्थित रहे। अध्यक्षीय उद्बोधन में अशोक निराला ने बताया कि- सतनामी समाज एक स्वाभिमानी समाज है, औरंगजेब ने सतनामी समाज के साथ जब अत्याचार किया तब सतनाम आन्दोलन खड़ा हुआ था। आज भी समय- समय पर अपने हितों की रक्षा के लिए सतनामी समाज आन्दोलित होते रहता है। सुभाष नगर में सतनाम धाम स्थापना की सफर को याद करते हुए सभी सहयोगियों तथा जयंती आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। सोलहवें जिला स्तरीय जयंती कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो0 एम0 सी0 हिमधर ने किया, साथ ही उन्होनें संगी मय सतनामी हव गीत की शानदार प्रस्तुति दी। आभार प्रदर्शन जिला अध्यक्ष अशोक निराला ने किया। जयंती को सफल बनाने में पुरूष पदाधिकारी राजेन्द्र बंजारे, अरूण निराला, डॉ0 संजय धृतलहरे, जागृत कुमार कुर्रे, के.पी.जोगी, भाव चरण बारले, दीपक पाटले, एस0 एल0 महिलाने, रामेश्वर सोनवानी, महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारी श्रीमती त्रिवेणी कुर्रे, श्रीमती कविता सोनवानी, श्रीमती कविता हिमधर, संतोषी लहरे, सीमा टुण्डे, रजनी भारद्वाज, काजल मधुकर, अंजली कुर्रे, पिंगला अजगल्ले, धीरजा राय, रीतू निराला, कु0 अंजली खटकर, मनीषा सोनवानी, रामबाई, का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर चरचा इकाई के गोविन्द गजराज, गेन्दा राम, लाभो पंकज, द्वारिका प्रसाद, सतु राम लहरे, विजय खूंटे, गुंजराम, अंकित निराला, कुलदीप कुर्रे, चन्द्रदीप, राजू महेश, अमित भारद्वाज, दाताराम, बैकुण्ठपुर से विजय- करिश्मा अनंत, रश्मि पाटले, अभिनव सोनवानी, राजकुमारी जोगी, वैजन्ती महिलाने, पाण्डवपारा से- अमृत टुण्डे, सीमा टुण्डे, डॉक्टर दीवाकर खुटे चिरमिरी से- अनिल लहरे, करण कुर्रे, सत्य प्रसाद चतुर्वेदी एवं अन्य प्रमुखों में प्रो0 अनुरंजन कुजूर, श्री डॉ. प्रदीप द्विवेदी, डॉ. रामयश पाल, राधेश्याम पटेल, सुखदेव साण्डिल, विक्की कुमार, रिचा, अशोक कुमार कुर्रे, संजय कुर्रे, डॉ0 रमेश अहिरवार, हीरा लाल कुर्रे, अशोक सोनवानी, सूरजपुर से शानुज धृतहलहरे, हरेन्द्र खाण्डे, समयलाल बंजारे, सरोज बंजारे तथा जलेश्वर अजगल्ले एवं जिले भर के सभी समाज के अनुयायी एवं चरचा कॉलरी के गणमान्य नागरिक अधिकाधिक संख्या में उपस्थित रहे।



