
एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर/ कोरिया छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शायर कवि व साहित्यकार ताहिर आज़मी के काव्य संग्रह सफीनाए मवद्दत का रस्मे इजरा (विमोचन)आगामी 22 जून को उनके पैतृक ग्राम पुरायरमोहम्मद निजामाबाद आज़मगढ़ में होगा ।

ताहिर आज़मी ने हम्द नात और मनक़बत के इस सम्पूर्ण काव्य संग्रह को अपने स्वर्गीय माता पिता को समर्पित किया है।आपको बता दें ताहिर आज़मी के इस कृतित्व संग्रह हेतु कोरिया रचना साहित्य मंच से सम्बद्ध समस्त पदाधिकारियों एवम सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाए दी हैं साथ ही देश के शायरों ने उनकी इस कृति हेतु उन्हे बधाई सन्देश प्रेषित किया हैं।


साहित्यकार और गजलकार शैलेंद्र श्रीवास्तव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कोरिया जिले के साहित्याकाश में ताहिर आज़मी एक प्रतिष्ठित नाम है । ताहिर की लगभग सभी विधाओं में शानदार कलम चली है , लेकिन ग़ज़ल की ज़मीन उन्होंने इतना उर्वर बनाया है कि सृजन की नई पौध अगर चाहे तो इनकी ग़ज़लों से बेशुमार खाद-पानी ले सकती है । ताहिर मेरे बालसखा भी हैं , यद्यपि इस समय मैं स्वास्थ्यगत उपचार हेतु यात्रा पर हूँ लेकिन मुझे बेहद ख़ुशी है कि उनके कृतित्व के बारे में आप सबसे अपने विचार साझा कर रहा हूँ । बहरहाल ताहिर आज़मी चंद लफ़्ज़ों में सीमित होने वाले व्यक्तित्व नही हैं । मैं उनके आने वाली पुस्तक , जिसे उन्होंने अपने माता-पिता को समर्पित किया है, अपनी तमाम सादर शुभेक्षाएँ समर्पित करता हूँ एवं अपने मित्र ताहिर के सफल साहित्यिक सफ़र की हृदय से कामना करता हूँ ।
इसी तारतम्यता में पुस्तक विमोचन पर श्री आजमी को लेकर साहित्यकार पद्मनाभ गौतम ने कहा कि ‘जनाब सैय्यद मोहम्मद ताहिर ‘आजमी’ साहब के द्वारा रचित ‘सफीनाए-ए-मवद्दत’ के लोकार्पण की सूचना अत्यंत हर्ष का विषय है ताहिर साहब न केवल एक उम्दा शायर हैं बल्कि एक बेहतरीन इंसान भी हैं। वे केवल मिज़ाज से ही नहीं बल्कि सच्चे अर्थों में कहें तो दिल से शायर हैं। “सफीनाए-ए मवद्दत -” उनके द्वारा रचित मज़हबी कलामों का मज़्मुआ है जिसमें हम्द, नात, मनकबत व अन्य विधाओं/विषयों पर उनके अपने लिखे कलाम शामिल हैं उन्होंने बहुत पहले ही साफ़ कर दिया था कि इस मज़्मुए को सामने लाने का उनका मकसद किसी शोहरत की ख़्वाहिश नहीं बल्कि इसके माध्यम से होने वाली मज़हब की खिदमत का सवाब अपने जन्नतनशीन वालिद व वालिदा तक पहुँचाना है।मुझे भी माज़ी में उनके वालिदैन से मिलने का मौका मिला है. बेशक जनाब ताहिर आजमी को यह बेहतरीन तहज़ीब और तालीमो-तर्बियत उनके बुज़ुर्गों से मिले हैं मैं उनके के लिए ऊपरवाले से दिल से दुआ करते हुए जनाब ताहिर ‘आजमी’ साहब को उनके इस अनुकरणीय कार्य के लिए हृदय से बधाई देता हूँ।
कोरिया रचना साहित्य मंच की अध्यक्ष अनीता चौहान ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत खुशी का विषय है ताहिर आज़मी जी के पुस्तक का विमोचन हो रहा है मैंने उनके साथ विद्यालय में लंबा समय व्यतीत किया है उनके साहित्यिक सांस्कृतिक विधा से परिचित हूं कोरिया रचना साहित्य मंच के पदाधिकारी भी हैं मैं उनके लिए उज्जवल भविष्य की कामना करती हूं।
दैनिक सम्यक क्रांति अखबार की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती लीना धुरिया ने श्री आजमी को बधाई और आशीर्वाद देते हुए कहा मैं ताहिर को उनके बचपन से जानती हूं उसमें अद्भुत प्रतिभा रही है और आज यह सर्व विदित है। मैं ताहिर को अपना आशीष सह शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं।
युवा कवयत्री अलीशा ने कहा कि श्री आज़मी सर से बहुत कुछ सीखने को मिला है । उन्होंने सदैव हम सभी का उचित मार्गदर्शन किया है पुस्तक विमोचन के लिए ढेरों बधाई।
वरिष्ठ साहित्यकार गीता प्रसाद नेमा के अपने चिरपरिचित कविता का पुट लिए कहा कि
शब्द सागर में गोता लगा,
चुन लिया जो सीप मोती।
कलमधार पैनी बना ली,
दिखला दिया है छंद शक्ति।।
पूरा यार मोहम्मद (निजामाबाद) उत्तरप्रदेश की मिट्टी की सोंधी सोंधी खुशबू पाकर प्रेम की रूह ए बयार चलाने वाले कलमकार ‘ताहिर आज़मी’ की ‘सफ़ीना ए मवद्दत’ सशक्त,प्रभावशाली तथा हृदयस्पर्शी स्वरचित काव्य संकलन है।
‘कलम की ताकत दिखा, हर दिल अज़ीज़ कर दिया।
प्रेम सरिता सागर मिली,‘ताहिर’ मुरीद कर दिया।।
‘सफ़ीना ए मुवद्दत’ के विमोचन पर मेरी बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
होने वाले पुस्तक पुस्तक विमोचन को लेकर राजेंद्र सिंह दादा ने कहा कि ताहिर भाई विराट लेखन क्षमता के धनी है केवल उर्दू में ही नहीं शुद्ध हिंदी में भी उनकी रचनाएं काबिले तारीफ रहती हैं उनकी रचनाएं समाज को प्रेरित करने वाली होती हैं शिक्षा जगत से मैं भी सेवा निवृत्त हूं इसलिए मैं ताहिर भाई के हर एक अंदाज से उनके वक्ता सह उद्घोषक गुण और उनके साहित्य से परिचित रहा हूं वह कीर्तिमान स्थापित करते रहे मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएं
दैनिक सम्यक क्रांति अखबार के संपादक दुष्यंत कुमार ने श्री आज़मी को बधाई देते हुए कहा कि श्री आज़मी कोरिया जिला ही नहीं प्रदेश से लेकर देश स्तर तक साहित्य जगत में अपना एक विशिष्ट स्थान और योगदान रखते हैं खास तौर पर गजल की विधा में उनकी पकड़ अतुलनीय है पुस्तक विमोचन की अवसर पर मैं अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।
शहर के लोकप्रिय गज़लकार विजय सोनी ‘शान’ ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि ‘मोहतरम ताहिर आज़मी साहब जितने बेहतरीन शायर हैं वो उससे भी कहीं ज्यादा बेहतरीन शख्सियत के मालिक हैं उनकी साफगोई उनकी शायरी मे जिन्दा तौर पे दिखाई पड़ती है ये हम सब के लिए बेहद ख़ुशी की बात है की उनका एक नया मज़हबी मज़मुआ “सफीनाए-ए-मवद्दत”आने को है जिसमे मज़हबी कलाम हम्द, नात, मनकबत हैं !मोहतरम आज़मी साहब से बात चीत के दौरान पता चला की यह किताब उनकी वालीदा की प्रथम वर्षी पर उन्होंने अपनी स्वर्गीय माँ एवम स्वर्गीय पिता को समर्पित किया है।इस खास मौक़े पर मैं मोहतरम आज़मी साहब को दिल से मुबारकबाद पेश करता हूँ और उनकी कामयाबी के लिए दुआ करता हूँ!
श्री आजमी के विद्यालयीन शिष्य रहे वर्ल्ड रिकार्ड धारी साहित्यकार एस. के.‘रूप’ ने कहा कि ‘धरती सब कागद करूं,लेखनी सब वनराय।
सात समद की मसी करूं,गुरुगुण लिखा ना जाए’
‘शिष्य तुममे प्रतिभा का भंडार है और इसे नित निखारना है,मैं जिनका शिष्य हूं तुम उनके पुत्र हो इस रिश्ते से हम गुरुभाई है’
यह पहली मुलाकात के पहले शब्द रहे श्री ताहिर आज़मी गुरुदेव द्वारा जब मैने कक्षा ग्यारहवीं में ऐतिहासिक विद्यालय शासकीय आदर्श रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में दाखिला लिया था। मेरे जीवन में गुरुदेव का अतुलित योगदान है जिसका चंद शब्दो में वर्णन कर पाना संभव नहीं है। वे गजब के वक्ता कुशल उद्घोषक है। उन्होंने विद्यार्थियों के कला को शिक्षा के साथ उनकी प्रतिभा और कला को निखारने के साथ नैतिक सांस्कृतिक और देशहित से जोड़ा। उनकी पंक्ति है:
हम अपनी देश की मिट्टी का यूं सम्मान करते है।
इसी की महिमा गाते है सदा गुणगान करते है।।
गुरुदेव द्वारा लिखित पुस्तक ‘सफ़ीना ए मवद्दत’ के लिए एक शिष्य होने के नाते शुभकामना के साथ अत्यधिक गौरव का क्षण है। यह पठनीय और संग्रहणीय होगी। हार्दिक बधाई।
श्री आजमी के पुस्तक विमोचन लोकार्पण समारोह को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर हैदर सुल्तानपुरी,आलिम नसीराबादी, युशा रायपुरी,राशिद आजमी मुंबई,अमित,वसीम एहसान, शैलेंद्र श्रीवास्तव, अब्दुल शमीम, अली अहमद
जिला सहित शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता सहित विद्यालय के पूर्व प्राचार्य यू एस शुक्ला, वर्तमान कृपा कल्याणी टोप्पो, एनसीसी प्रभारी संजीव जायसवाल, शिक्षिका नजीमा खातून, हितकारिणी सिंह,राजीव जायसवाल,मधु त्रिपाठी,किरण शुक्ला, आर एस गुप्ता,प्रभात मिश्रा,यादवेंद्र मिश्रा, वीके मित्रा,विमल पूरी, आर पी शुक्ला ने बधाई प्रेषित की है।



