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नई दिल्ली/।NDA ने 21 जुलाई को संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक बुलाई है, जो मॉनसून सत्र के विधायी एजेंडे और राजनीतिक गहमागहमी के बीच अहम मानी जा रही है। इस सत्र में NEET पेपर लीक और रक्षा मंत्री की टिप्पणी जैसे मुद्दों पर विपक्ष की ज़ोरदार बहस होने की संभावना है, जिससे संसद की कार्यवाही पर असर पड़ सकता है।
नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) ने 21 जुलाई को होने वाली अपनी संसदीय दल की बैठक को ‘मंगल मिलन’ का नाम दिया है। यह बैठक सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन के GMC बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी और इसमें लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों के NDA के सभी सांसद शामिल होंगे। सरकार के विधायी एजेंडे को देखते हुए NDA नेताओं की यह बैठक अहम है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के ऐलान के मुताबिक, 13 अगस्त तक चलने वाले मॉनसून सत्र के दौरान कई अहम बिलों पर विचार किए जाने की उम्मीद है। समाचारपत्र
इस सत्र में कई विपक्षी पार्टियों में हाल ही में हुए बदलावों के बीच ज़ोरदार राजनीतिक बहस होने की उम्मीद है। हाल के हफ़्तों में हुए इन राजनीतिक बदलावों का असर संसद की कार्यवाही पर पड़ सकता है। विपक्ष कई मुद्दों को उठाने की योजना बना रहा है, जिनमें कथित NEET-UG पेपर लीक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुई मौतों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी शामिल है। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री की टिप्पणी को लेकर उनके ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
इसके अलावा, प्रस्तावित 130वें संविधान संशोधन बिल की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति के 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंज़ूरी देने और फिर उसे संसद में पेश करने की उम्मीद है। इस बिल को लेकर राजनीतिक चर्चा हो रही है क्योंकि इसमें एक प्रावधान है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय या राज्य मंत्री गंभीर अपराधों के मामलों में लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटना होगा।



