कोरिया जिले के कई स्थानों में पीने के शुद्ध पानी को लेकर संघर्ष करने को मजबूर हुए राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र

कोरिया/ छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अभी पूरी तरह से गर्मी की शुरुआत भी नहीं हुई हैं कि कोरिया जिले के कई स्थानों में पीने के शुद्ध पानी को लेकर संघर्ष करने की सूचना आनी शुरू हो गई है ।
जिले के सरईगहना गांव की अगर बात करें तो यहां बारिश और सर्दी के मौसम तो किसी भी तरह हैंडपंप चलते है पर गर्मी की शुरुआत होते ही हैंडपंप से पानी निकलना बन्द हो जाता है। इससे यहाँ रहने वाले निवासियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ जाता है ।
गांव के पण्डो जनजाति मोहल्ले में रहने वाले लगभग पैंतालीस परिवार के लोग गर्मी के दिनों में पीने के पानी के लिए परेशान रहते है ।
अपने घर से एक किलोमीटर की दूरी तय कर पथरीले रास्तों से गुजर कर खड़ी चढ़ाई उतर कर एक कुएं में पानी लेने जाते है और खड़ी चढ़ाई चढ़ कर अपने घर तक पीने का पानी पहुंचाते है ।
एक तरफ जहां सरकार प्रत्येक घर में नल से पानी पहुंचाने का दावा करती हैं वही राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष आदिवासी जनजाति समुदाय के लोग आज भी पीने के शुद्ध पानी के लिए संघर्ष कर रहे है ।
पीएचई के द्वारा एक पानी टंकी यहां बनाई जानी है जो कि नरकेली जल प्रदाय योजना के तहत है पर अभी टंकी निर्माण में वक्त लग रहा है ।
इस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार ने बताया कि ठेकेदार को निर्देशित किया गया है कि जहां पानी की परेशानी हो रही है वहा पर जब तक टंकी का निर्माण नहीं हो जाता है सीधे पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाने का कार्य करे ।



