ऐतिहासिक रामानुज विद्यालय जीर्णोद्धार को ललायित…कई कमरे सहित बरामदो में पानी का रिसाव ..टूटकर गिरते छत

एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर / शहर का एकमात्र गौरवशाली ऐतिहासिक विद्यालय जिसे राजा रामानुज प्रताप सिंह देव ने सन 1935 में कोरिया रियासत में उत्कृष्ट शिक्षा हेतु स्थानीय मानस भवन वाले स्थल में स्थापित किया था। 1948 में रियसतों के विलय के पश्चात कोरिया ने केंद्र को सबसे ज्यादा धन दिया वहीं एक भव्य विद्यालय के निर्माण के लिए अनुबंध किया जो नवीन भवन के रूप में सन 1952 में सुशोभित हुआ।
यह वही विद्यालय है जहां हिंदी के प्रकांड विद्वान समालोचक आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने दौरा किया था इस विद्यालय को गौरव प्राप्त है देश में मिड डे मील की शुरुआत करने व विद्यार्थियों को पोषण से जोड़ने का यही गोकुल चंद्र शुक्ल जी प्रथम प्राचार्य रहे जो महान साहित्यकार युग पुरुष बनारस विश्वविद्यालय के हिंदी विगाध्यक्ष रामचंद्र शुक्ल के पुत्र थे। विद्यालय में अध्यनरत छात्र देश के उच्च प्रशासनिक पदों पर आसीन रहे, आईएएस आईपीएस आईईएस, आईएफएस हुए।कोई व्यापार में उन्नत, कोई जनप्रतिनिधि हुए कई शिक्षा विभाग का दामन थाम कर विद्यालय को गौरवान्वित किए और कर रहे हैं ।

विद्यालय के बरामदे और कमरे में पानी का रिसाव:–
रामानुज विद्यालय हाई स्कूल का प्रारंभिक बरामदा का छत कई जगह से फट गया है।वर्षा काल में अत्यधिक पानी का रिसाव होने से बरामदे से गुजरना मुश्किल हो जाता है तीव्र वर्षा में यही बरामदा छात्रों के प्रार्थना आदि के प्रयोग में आया करता था किंतु पानी के अत्यधिक रिसाव के कारण अब महत्वहीन हो गया है अत्याधिक वर्षा काल में तो विद्यालय का यह हिस्सा बैठने योग्य ही नहीं रहता है।

कृषि संकाय कक्षा की छत भी गिर चुकी है जिस प्रकार गुजरात में कई बच्चों का जीवन केवल लापरवाही के कारण काल के गाल में असमय ही समा गया वही किस्सा ना दोहरा जाए। यह भय छात्रों व अध्यापकों के बीच निर्मित है। कमरों के छत टूट कर गिर रहे हैं, दीवारे क्रेक हो गई हैं कभी भी अनहोनी हो सकती है।
चुनावकाल में विद्यालय छावनी में तब्दील:–
यह विद्यालय चुनाव के समय सैनिक छावनी में तब्दील हो जाता है यह इसलिए क्योंकि चुनाव प्रक्रिया के महत्वपूर्ण कार्य प्रशिक्षण एवं ईवीएम आदि का बंटन, जमा करना, स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखना, मत गणना से लेकर सर्टिफिकेट वितरण तक के संपूर्ण कार्य यही संपन्न होते हैं।
चुनाव प्रक्रिया के निर्वहन में जर्जर होता विद्यालय:–
जिला प्रशासन द्वारा रामानुज विद्यालय को चुनाव के संपूर्ण कार्य संपन्न करने हेतु चुना जाता है विद्यालय में कई जगहों पर संवेदनशील सामग्री उम्मीदवारों की किस्मत पर ताला लगाने के लिए स्ट्रांग रूम बनाने की प्रक्रिया में खिड़कियों तक को सील बंद करके सीमेंट रेत,मसाला प्लास्टर लगाकर अन्य लौह उपकरणों से पैक कर दिया जाता है प्रक्रिया पूरी होने के बाद खिड़कियों में लगे प्लास्टर आदि को तोड़ने से लगभग सारी खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं दीवार टूट गया है खिड़की का जुड़ाव कमजोर हो गया है ।
छात्रों की पढ़ाई होती है प्रभावित :–
चुनावी काल में प्रशिक्षण से मतगणना तक के कार्य रामानुज विद्यालय में ही संपन्न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और इसी तरह वर्षा काल में भी पानी के रिसाव के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है।
जान जोखिम में डालकर सीलन व फिसलन में पढ़ने को मजबूर है छात्र :–
रामानुजन विद्यालय के छात्र सीलन और जर्जर छत के प्लास्टर गिरने के कारण जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर हैं ग्रामीण अंचल के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की अधिकता है ऐसे में अगर कोई अनहोनी हुई तब वह इलाज आदि भी मुसीबत का सबब होगा इस तरह दोहरा मार छात्र अभिभावक झेल सकते हैं।
इलेक्ट्रिसिटी भी खराब विद्यालय में हुई वायरिंग भी वर्षों पुरानी:–
विद्यालय में कई कमरों के तार टूट चुके हैं सीलन और दीवारों में पानी से गीला होने से करंट लगने का भी जोखिम है ।
प्रबंधन ने कई बार कराया अवगत,एसएमडीसी ने अपने स्तर पर किया है काम :–
विद्यालय के जर्जर होने की अवस्था को लेकर प्रबंधन द्वारा कई बार पीडब्ल्यूडी को सूचित किया गया है लेकिन आज तक विभाग द्वारा किसी भी प्रकार से समस्या का समाधान नहीं किया गया है जो पीडब्ल्यूडी की उदासीनता को दर्शा रहा है एसएमडीसी के द्वारा विद्यालय में बिजली पानी, फिटिंग जो चुनाव काल में तोड़फोड़ करके ऐसे ही छोड़ दिया जाता है जैसे कार्य कराए जाते हैं इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन के द्वारा विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं पूरे विद्यालय का मरम्मत बड़ा कार्य है जिसके लिए व्यापक फंड की आवश्यकता है इतना फंड नहीं है जिसे पूर्ण विद्यालय का जीर्णोधार कर सके और यह दायित्व पीडब्ल्यूडी विभाग का बनता है प्रबंधन के कहने पर भी ध्यान नहीं दिया जारहा है।
विद्यालय जीर्णावस्था में त्वरित सुधार की आवश्यकता : प्राचार्य के0 के0 टोप्पो
विद्यालय की प्राचार्य के0 के0 टोप्पो ने कहा कि विद्यालय के बरामदे खिड़की सहित कई कमरों की छत टूटकर गिर रही है पानी का जमाव हो रहा है चुनाव में खिड़कियों में किए गए पेंचिंग और उसे तोड़ने के कारण सारी खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गई है हमारे द्वारा कई बार इसके लिए पीडब्ल्यूडी को सूचना दी गई लेकिन अब तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है छात्र हित में कोई अनहोनी होने के पहले निराकरण जरूरी है।
विद्यालय का जीर्णोधार जरूरी एस्टीमेट मिलने पर पूरा प्रयास करेंगे:– जितेंद्र गुप्ता,जिला शिक्षा अधिकारी
मुझे आपके माध्यम से जानकारी मिली है यह विद्यालय हमारा धरोहर है और रखरखाव जरूरी है।प्रबंधन एस्टीमेट बना दे और पूरा प्रयास किया जाएगा हमारे द्वारा आगे इस बिंदु पर जिले की उच्च अधिकारी व विभाग के सामने समाधान हेतु रखा जाएगा।
कोरिया जिले के ऐतिहासिक धरोहर जिसे तत्कालीन कोरिया रियासत के राजा रामानुज प्रताप सिंह देव ने स्थापित किया था और उन्हीं के नाम पर नामकरण हुआ था यह विद्यालय अपनी शिक्षा और अन्य गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है इसके संरक्षण के लिए जिला कलेक्टर सहित उच्च अधिकारियों को ध्यान आकर्षण की आवश्यकता है।



