छत्तीसगढ़

नागरिकों को मिले सहज स्वास्थ्य सेवा, विभाग संवेदनशीलता से करें कार्य : कलेक्टर

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बेमेतरा / कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं सेवाओं और कार्यक्रमों की जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी आमजनों तक विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों को पहुंचाने और लाभान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कोताही नहीं करने निर्देशित की है।

कलेक्टर ने बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, आवास योजना सहित विकासखंडों में संचालित नरेगा योजना की  समीक्षा की। उन्होंने सभी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने निर्देशित किया।  कलेक्टर ने बैठक में टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति में कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिए गए निर्देश के आधार पर लक्ष्य में कमी एक गंभीर स्थिति को प्रदर्शित करता है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि टीबी मुक्त भारत अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नए मरीजों की पहचान करने और उनके उपचार की समुचित व्यवस्था पर जोर दिया। कलेक्टर ने फील्ड स्टाफ और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मैदानी सर्वे करने और फॉलो-अप करने निर्देशित किया। लक्ष्यानुरूप परिणाम प्राप्त करने के लिए सार्थक कार्यवाही करने निर्देशित की।

महत्वाकांक्षी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा : 

कलेक्टर ने विभागीय महत्वाकांक्षी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत की जानकारी लेते हुए आने वाली बाधाओं को दूर करने  निर्देशित की।

बैठक में महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विभागवार समीक्षा करते हुए अपेक्षित प्रगति  विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा ,स्कूलों और अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, पेयजल एवं स्वच्छता, श्जल जीवन मिशनश् जैसे प्रोजेक्ट्स की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही बुनियादी ढांचा, सड़कों, पुलों और सरकारी भवनों के निर्माण की समीक्षा की।

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कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए  कार्यशैली में सुधार लाने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने आगे कहा कि समय सीमा सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों और सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लक्ष्य अर्जित करने कहा। उन्होंने हितग्राहियों का चयन कर योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने कहा।

गर्मी में पेयजल आपूर्ति के लिए सचेत रहें

कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने निर्देशित की है। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को जिले में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आम जनता को पीने के पानी के लिए किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

उन्होंने जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जो भी हैंडपंप खराब हैं, उन्हें 24 से 48 घंटों के भीतर सुधारने कहा है। उन्होंने ’’जल जीवन मिशन’’ के तहत पूर्ण हो चुकी योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुँचे, यह सुनिश्चित करने कहा है जाए। जहां भी तकनीकी खराबी है। इसके साथ ही कलेक्टर ने पेयजल संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए जिला स्तर पर एक हेल्पलाइन नंबर या कंट्रोल रूम सक्रिय रखने कहा है। जिससे नागरिक अपनी समस्या सीधे विभाग तक पहुँचा सकें। कलेक्टर ने जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर नीचे गिर रहा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की योजना तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साथ पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए समय-समय पर ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीनीकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया है। कलेक्टर ने विभाग के कार्यपालन अभियंता को क्षेत्र का दौरा करने और कार्यों की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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