आशुतोष की कृति यक्षिणी का अनावरण
जिले के साहित्यकार,रंगकर्मी,पत्रकार,राजनीतिज्ञ और जनमानस के सामने मुखपृष्ठ का हुआ अनावरण

एस. के.”रूप”
कोरिया/ “कहते हैं जहां ना रवि पहुंचे, कहते हैं वहां पर कवि पहुंचे” और इसी वाक्यांश को चरितार्थ करता हुआ मैकल एवं सतपुड़ा के घने जंगलों और जीवन मूल्यों पर केंद्रित कोरिया जिले के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालनअधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी द्वारा रचित “यक्षिणी”नामक उपन्यास का अनावरण कार्यक्रम स्थानीय गंगा श्री होटल के द्वितीय तल में साहित्यकार,समाजसेवी,राजनीतिज्ञ,पत्रकार,जनमानस एवं मीडिया कर्मियों के बीच में हर्ष उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां शारदेय के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई तत्पश्चात जिले के कलेक्टर चंदन त्रिपाठी सीईओ आशुतोष चतुर्वेदी एवं उनके माता-पिता एवं धर्मपत्नी सहित जिले के वरिष्ठ साहित्यकारों के द्वारा मुख्य पृष्ठ का अनावरण किया गया अनावरण पश्चात आशुतोष चतुर्वेदी एवं रायपुर के रंगकर्मी आशीष राज सिंघानिया के बीच “यक्षीणी” पर केंद्रित परिचर्चा का सत्र चला।

परिचर्चा के बाद प्रश्न काल का दौर आरंभ हुआ जिसमें यक्षिणी उपन्यास को लेकर जिले के वरिष्ठ साहित्यकार सतीश उपाध्याय,युवा साहित्यकार समाजसेवक संवर्त कुमार ‘रूप’ प्रसिद्ध गजलकार ताहिर आज़मी, पत्रकार रामचरित द्विवेदी, साहित्यकार समाजसेविका संध्या रामावत आदि ने प्रश्न किया। जिसका श्री चतुर्वेदी ने सारगर्भित जवाब दिया

इस अवसर पर जिले की कलेक्टर चंदन त्रिपाठी,योगेश शुक्ला,राजेश शुक्ला,आस्तिक शुक्ला, विनोद शर्मा, नरेश सोनी,राजेंद्र सिंह, संध्या रामावत, गीता प्रसाद नेमा, तारा पांडे, मंजू डडसेना, बृजेंद्र अहीर, संतोष जैन, सतीश उपाध्याय, बिरेंद्र श्रीवास्तव,अनिता तिवारी, तारा पांडे, पटेल जी, मरकाम जी, स्वेता सोनी, अनंत लाल देवांगन, योगेश गुप्ता, रुद्र मिश्रा, अनन्या शुक्ला, आशीष राज सिंघानिया, संवर्त कुमार ‘रूप’, सुनील शर्मा, आयुष नामदेव, मनीष सिंह, राजीव गुप्ता, कमरून निशा, कमालू जावेद, सुनील शर्मा सहित जिला पंचायत के अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।कार्यक्रम स्नेहभोज के साथ संपन्न हुआ।




