सरगुजा संभाग

“कल्याण -कल्प” खंडकाव्य का विमोचन संपन्न

विश्व कल्याण के लिए लिखा गया खंड काव्य- रामायण प्रसाद पांडे

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मनेन्द्रगढ़/ जगत कल्याण की भावना से सन्निहित कल्याण- कल्प ग्रंथ निश्चित ही मानव जीवन को सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा- उक्ताशय के विचार रामायण प्रसाद पांडे द्वारा लिखित ग्रंथ “कल्याण कल्प” के विमोचन कार्यक्रम में अप्रवासी भारतीय चंद्रकांत पटेल मुख्य अतिथि के आसंदी से व्यक्त कर रहे थे। वसुधैव कुटुम्बकम -“की अवधारणा से लिखे इस ग्रंथ के रचयिता सुप्रसिद्ध धर्मानुरागी रामायण प्रसाद पांडे ने बताया कि,-“कल्याण -कल्प” नामक ग्रंथ , सत्संग, भक्ति, संस्कार एवं यक्ष प्रश्न को समाहित किए हुए चार खंडों में विभाजित है। स्व सविता पांडे के पुण्य तिथि पर आयोजित इस विमोचन कार्यक्रम में प्रज्ञा पांडे ने अपनी मां की स्मृति में मार्मिक कविता -“नाम था सविता,सविता का तेज समाया था तेज मयी उन आंखों में केवल ममता का साया था-” प्रस्तुत किया ।इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश पाठक, वीरेंद्र श्रीवास्तव , वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रसाद गौतम ,सतीश उपाध्याय , समाजसेवी ठाकुर प्रसाद केसरी ,रामचरित द्विवेदी ,शशि कला श्रीवास्तव ,गौरव अग्रवाल, आर डी दीवान ,हरि नारायण पांडे ,बारीक कर,वंदना, भूपेंद्र सिंह केशव जायसवाल सुखनंदन सिंह,परमेश्वर सिंह आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन परमेश्वर सिंह ने किया।

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