सरगुजा संभाग

वन विभाग की छापामार कार्यवाही इमारती लकड़ी साल जप्त और मामला ठंडा

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सतीश मिश्रा

मनेंद्रगढ़/ वनमंडल मनेंद्रगढ़ के वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ के ग्राम नाधातोर में अंजली प्रजापति के घर वन विभाग ने छापामार कार्यवाही की जिसमे इमारती साल की अवैध लकड़ी जप्त की गई।

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विदित हो कि जंगल की अधाधुंध कटाई होने से जंगल में पेड़ पौधे कम होते जा रहे हैं भले ही वन प्रशासन जंगल को बचाने की अलग अलग योजना चला रही है और जंगलों में पेड़ पौधे लगवाए जा रहे है जिस पर लाखों पेड़ लगाए गए ओ केवल कागजों में सिमट कर रह जाती है जमीनी हकीकत में देखा जाए तो न पेड़ लगते है और ना लगे हुए पेड़ पौधे बचते है। वन अमले की लापरवाही दिख रही है और ये भी अंदेशा है कि हरे भरे पेड़ कटाकर अपनी जेब भर रहे है।अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से समझ ही नहीं रहे है जिससे वन अपराधियो का हौसला बुलंद होते जा रहा है। जिससे जंगल की कटाई जोरो से हो रही है।

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मिली जानकारी के अनुसार बुधवार 17 जुलाई को वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ में ग्राम पंचायत रोकड़ा नाधातोर का सामने आया है। मुखबिर की सूचना अनुसार मौका जांच किया गया जिसमे साल प्रजाति के इमारती लकड़ी जिसकी अनुमानित लागत लाखो की आकी जा सकती है।अंजली प्रजापति के यहां उड़ानदस्ता टीम के द्वारा छापामार की कार्यवाही की गई और उसके बाउंड्री के अंदर से जप्ती की गई।लेकिन प्रश्न चिन्ह तो तब उठ रहा कि जप्ती की कार्यवाही करने के बाद डायरी स्थनीय कर्मचारियों को दिया जा रहा ऐसा क्यों??? कार्यवाही डायरी स्थानीय कर्मचारीयों को सौपा जाना कर्मचारियों की साठ गांठ को दिखा रहा है इस कदर अवैध लकड़ी की कटाई होती रही तो कुछ दिन बाद जंगल खत्म हो जाएगा है।अब देखना होगा कि उच्चाधिकारी क्या कार्यवाही करने में सक्षम हैं यह तो अभी कहना मुश्किल है की आगे क्या होगा कार्यवाही या अपने कर्मचारी को बचाने के लिये खाना पूर्ति। अपने कार्यों को लेकर समाचारों की सुर्खी बटोरने वाले एसडीओ साहब ने इस मामले में संपर्क करने पर कोई जवाब नही दिया ग्रामीणों का कहना था कि वन अधिकारी बच रहे है या उनका संरक्षण अवैध कार्य वालों को प्राप्त है डायरी निचले स्तर के कर्मचारियों को दे देना बिना मामले को सेटिंग करके ठंडा कर देने जैसा प्रतीत हुआ। लेकिन वन की रक्षा हेतु सजग और सतर्क रहकर कार्य करना जरूरी है।

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