छत्तीसगढ़

बिफइया और पूरन पण्डो जनजातीय वृद्ध दंपत्ति रो रहे अपनी बदहाली पर, शासन की योजनाओं का लाभ नहीं, कभी भी गिर सकता है घर, जीवन जीने को संसाधन का अभाव

प्रधानमंत्री आवास,महतारी वंदन, वृद्धा पेंशन,जल जीवन आदि कई योजनाओं का कोई लाभ नहीं

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एस. के.‘रूप’

सरईगहना– कोरिया/ जनजातीय वर्ग हेतु भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अधिकारी इसे कागजों में पूर्ण कर दे रहे है और वाहवाही भी लूट ले रहे है लेकिन प्रश्न उठता है कि योजना है तो बदरबाट कौन कर रहा है और ऐसे लोगो को संरक्षण किसका है?

कोरिया जिले की संवेदनशील कलेक्टर ने कुछ पर कार्यवाही की है लेकिन यह यहीं रुकने वाला नही है इसके लिए कठोर कानून और निगरानी का होना जरूरी है।

1-1024x1024 बिफइया और पूरन पण्डो जनजातीय वृद्ध दंपत्ति रो रहे अपनी बदहाली पर, शासन की योजनाओं का लाभ नहीं, कभी भी गिर सकता है घर, जीवन जीने को संसाधन का अभाव

सम्यक क्रांति कि टीम और जनहित संघ ने संयुक्त रूप से कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से सटे ग्राम सरई गहना के पण्डोपारा में एक वृद्ध दंपत्ति का अत्यंत बुरा हाल देखा यह दृश्य अत्यंत दयनीय था। उनसे पूछा गया कि आपको शासन की योजनाओं का लाभ मिलता है क्या? जिसमे से कई योजना जो अभी छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय वर्ग हेतु बनाए गए है उन्हे लाभ नही मिल रहा है। महतारी वंदन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, दंपत्ति का आवास एकदम जीर्ण शीर्ण है, कभी भी गिर सकता है, दीवारें कमजोर हो गई है, दरार फटी हुई है,दरवाजा भी टूटा हुआ है जो तार और रस्सी से जोड़कर चल रहा है। भीषण शीत का प्रकोप है और आधी छानी भी खुली हुई है। ऐसे में वृद्ध दंपत्ति क्या करें ? वे इतने वृद्ध है कि कही आ जा नही सकते । पंचायत पदाधिकारी कई बार कहने पर भी ध्यान नहीं देते। इन्हे प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ देना बहुत जरूरी है ताकि इनके सर पर छत हो लेकिन कई बार गुहार लगाने के बाद भी दंपत्ति को यह सुविधा नही मिली। महतारी वंदन योजना का लाभ भी नही मिल रहा है। पूरन पंडो को वृद्धा पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इस गांव में खासतौर पर इसी पण्डोपारा में पानी की घोर समस्या है और आज तक ट्यूबवेल के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई। जल जीवन मिशन का लाभ नहीं मिला जो बने वो दूसरे बस्ती में और वो भी खराब पड़ा है। भारी दूरी से पीने का पानी लाना पड़ता है। बिजली की कमी है। आपको बता दें खासकर यह मार्ग जहां वृद्ध दंपत्ति और अन्य पण्डो वर्ग पुरखों के जमाने से रहता है हाथियों के आवागमन का मार्ग बन गया है जिससे इनकी जान जोखिम में है यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होनी जरूरी है जिसके लिए ग्रामीणों ने जिम्मेदारों को कहा भी है लेकिन आज तक इस संवेदनशील जगह में विद्युतपोल नही लगा। अब ग्रामीण आंदोलन की तैयारी में भी है।

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इस समाचार पत्र के माध्यम से सरईगहना पण्डोपारा के जनजातीय ग्रामीण और वृद्ध दंपत्ति ने जिला प्रमुख से त्वरित जनहित में आदेशित कर सुविधा दिलाने की मांग की है। देखना होगा कब तक इन्हे मूलभूत सुविधा मुहैया प्रशासन द्वारा कराया जाता है।

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