प्रधानमंत्री आवास के राशि का रोजगार सहायक द्वारा गबन अन्य ग्रामीणों को खड़ाकर राशि निकल कर लिया गड़प
विशेष पिछड़ी संरक्षित जनजाति जुइली निवासी गरीब ग्रामीण रामकृपाल बैगा एवं रांपा निवासी ग्रामीण ज्ञानचंद यादव की राशि का किया आहरण

कई बार हुई शिकायत,अब तक कार्यवाही नहीं किसका संरक्षण?
जनपद के कर्मचारियों के साथ सांठ गांठकर कई पंचायत में दिखाता है प्रभुत्व : सूत्र
न्याय के लिए 2 वर्ष से भटक रहा गरीब बैगा परिवार
एस. के.‘रूप’
जनकपुर–एमसीबी/ छत्तीसगढ़ प्रदेश के एमसीबी जिले के जनकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम जूइली में भ्रष्टाचार व शासकीय राशि के गबन का मामला सामने आया है। प्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों का मुख्य कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार प्रदान करना और श्रमिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अतिरिक्त श्रमिकों को मस्टरोल प्राप्त करने कार्यस्थल पर सुविधाएं सुनिश्चित करने, दैनिक श्रमिकों की हाजिरी दर्ज करने और दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने, पंजीकरण व समस्याओं को सुलझाने का कार्य होता है लेकिन जब भ्रष्ट व्यक्ति इस पद का दुरुपयोग करता है
और ग्रामीणों के हक पर डाका डालने लगता है तब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रशासन को वस्तु स्थिति से अवगत कराने, उच्च अधिकारियों को जांच कर दोषी व्यक्ति पर उचित कार्यवाही करने हेतु प्रकाश डालना पड़ता है।
ग्राम जूइली में बैगा जनजाति के प्रधानमंत्री आवास की राशि का गबन


ग्राम जूइली निवासी रामकृपाल बैगा अत्यंत गरीब परिवार की श्रेणी में आते हैं साथ ही केंद्र व राज्य के अनुसूची में विशेष पिछड़ी संरक्षित जनजाति बैगा में स्थान रखते हैं जिनके लिए विशेष सुविधाएं एवं नियम कानून है साथ ही माननीय राज्यपाल के द्वारा भी विशेष अधिकार प्रदत्त हैं l।

रामकृपाल बैगा रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा ठगी का शिकार हो गए हैं उनके प्रधानमंत्री आवास की राशि उक्त भ्रष्ट रोजगार सहायक ने ग्राम के ही अन्य व्यक्ति को बैंक में खड़ा कर गबन कर लिया

जब राम कृपाल बैगा को पता चला तब उन्होंने बैंक स्टेटमेंट चेक करवाया जिसमें स्पष्ट निकाल ली गई राशि दिख रही है।

गरीब बैगा परिवार के ऊपर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा उन्होंने इसकी शिकायत सर्वप्रथम दिनांक 10/ 8/ 2023 को अनुविभागीय दंडाधिकारी एसडीएम भरतपुर को की जब 2 वर्ष तक कार्यवाही नहीं हुई तब पुनः 20/ 8/25 को एसडीएम एवं थाना प्रभारी को शिकायत की जिसमें उल्लेखित है किरामकृपाल बैगा पिता देवलाल बैगा उम्र 63 वर्ष निवासी जुईली महुआरपारा थाना कोटाडोल जिला एम.सी.बी (छ.ग.) कहना है कि मेरा प्रधानमंत्री योजना के अतंर्गत आवास वर्ष 2019 में स्वीकृत हुआ था। जिसका 25000/- रूपये मेरे खाता क्रमांक 33103871467 में दिनांक 22.01.2021 में आया था। उक्त रकम को गांव जुईली का सुन्दरलाल यादव पिता प्रभू यादव के द्वारा दिनांक 01.12.2022 को खाता से आहरण कर लिया है। मेरे द्वारा वैक से स्टेटमेंट निकलवाने वः पता करने पर पता चला कि तुम्हारे आवास का 25000/-रूपये को जुईली का सुन्दरलाल यादव के द्वारा आहरण किया है। तो मेरे द्वारा सुन्दरलाल यादव से पूछा कि मेरे आवास का पैसा को तुम क्यों निकाले हो खाता मेरा है तुमको बैंक पैसा कैसे दे दिया तो सुन्दरलाल यादव बताया कि जुईली का रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा बैंक विॉल फार्म भरकर मेरे को स्टेट बैंक जनकपुर में खड़ाकर मेरे से 25000/- रूपये को निकलवाया है। तथा रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा 25000/- रूपये को ले लिया है। जिसके चलते मेरा आवास नही बन सका है।
ग्राम रांपा निवासी ज्ञानचंद यादव के प्रधानमंत्री आवास की रकम का भी किया गबन

मिली जानकारी के अनुसार उक्त भ्रष्ट रोजगार सहायक की पकड़ संबंधित प्रशासन में अच्छी है और वह इसका ही फायदा उठाकर भोले भाले ग्रामीणों के राशि का गबन कर मालामाल बन गया है वह सांठ गांठ करके अतिरिक्त कई ग्राम पंचायत का कार्य देखता है। जूइली पंचायत में बैगा जनजाति के रूपयों का गबन किया ही वही रमाकांत यादव के द्वारा रांपा निवासी ज्ञानचंद यादव की दादी के नाम से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास का रकम भी गबन कर लिया गया है विदित हो कि ज्ञानचंद की दादी का रुपया गड़प करने के लिए सुमरिया की मृत्यु उपरांत रमाकांत द्वारा अपनी माता के नाम का खाता खोलकर उसमें राशि डलवाकर गबन कर लिया। ज्ञानचंद यादव ने दिनांक 18/8/ 25 को सीईओ जनपद पंचायत भरतपुर को शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया है जिसमें उल्लेखित है कि–ज्ञानचन्द्र पिता राजाराम यादव निवासी ग्राम रॉपा (पारा सनोहर) तहसील कोटाडोल जिला एम०सी०बी० छ०ग० का निवासी हूँ मुझ प्रार्थी के दादी स्व० सुमरिया पति बुध्दू यादव के नाम से प्रधानमंत्री अवास वर्ष 2016-17 मे स्वीकृत हुआ था। मेरे दादी का मृत्यु करीब वर्ष 2019-20 में हो गया था। जिसमे से अवास स्वीकृती के पैसा आज पर्यन्त तक नही मिला है। और न ही अवास निर्माण किया गया है। ग्राम के रोजगार सहायक रमांकात यादव पिता रामप्रसाद यादव के द्वारा अपने माँ के नाम से उस अवास को निर्माण करा लिया है। और प्रार्थीया सुमरिया के जगह पर किसी अन्य को खडे कराकर फोटो खीचकर आनलाईन कर दिया है। और किसी अन्य मकान का भी आनलाईन किया है जिसका मालिक चन्द्रभान कवँर है। जबकि उस अवास को चन्द्रभान अपने स्वयं के पैसे से निर्माण कराया था, जिसे जबरन प्रधानमंत्री अवास बना दिया गया है। रोजगार सहायक के द्वारा अपने माँ के खाते में पैसा डलवाकर अहरण कर लिया गया है। हुए सुमरिया के नाम से स्वीकृत अवास को अब प्रार्थीयो को नही चाहिए शासन अपने तरीके से वसूली करा कर किसी अन्य को अवास दे दिया जाए इसमे प्रार्थीयो को कोई आपत्ति नहीं है। तथा इस फर्जी बाडा को और बढ़ावा न मिले इसलिए रोजगार सहायक के विरूध्द उचित कार्यवाही किया जाना न्याय हित मे होगा।
ग्रामीणों के हक में डाका डालना निंदनीय, यह अपराध अक्षम्य : एस. के. ‘रूप’
जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष वर्ल्ड रिकॉर्डधारी साहित्यकार लेखक एस.के. ‘रूप’ ने कहा कि ग्राम जूइली के बैगा परिवार एवं रांपा के यादव परिवार के साथ रोजगार सहायक रमाकांत यादव के द्वारा घोर अन्याय किया गया है। इनके द्वारा प्रधानमंत्री आवास की राशि दूसरे व्यक्तियों को खड़ाकर निकाल ली गई है जो अपराधिक कृत्य है। यह प्रशासन के साथ धोखाधड़ी है ऐसे रोजगार सहायक को पंचायत द्वारा त्वरित बर्खास्त कर आगे की कार्यवाही व वसूली कर ग्रामीणों को लाभान्वित करना चाहिए। उच्च अधिकारियों को त्वरित निलंबन करना चाहिए। जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति ग्रामीणों के साथ है। जनजातीय व अन्य के हितबद्ध कार्य किया जाता रहेगा।
उक्त दोनों प्रकरण से स्पष्ट होता है कि रोजगार सहायक रमाकांत यादव आत्मज रामप्रसाद यादव भारी अपराधी व भ्रष्टाचारी किस्म का व्यक्ति है जो भोले भाले गरीब ग्रामीणों के हक पर डाका डाल रहा है ग्रामीणों ने रोजगार सहायक के खिलाफ जांच व त्वरित निलंबन की उचित कार्रवाई की मांग की है देखना यह है कि आदिवासी अंचल में गरीब बैगा/यादव परिवार के साथ प्रशासन कब तक न्याय करता है।



