अस्ताचल में जाते सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए व्रतियों ने किया पूजन, सूर्य उपासना का महापर्व छठ प्रारंभ

एस. के ‘रूप’
बैकुंठपुर–कोरिया/ कार्तिक माह में सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के लिए भक्तों व्रतियों का उमंग उत्साह देखते ही बनता है पहले दिन नहाए खाए की परंपरा के साथ इसके अगले दिन खरना पूजा होती है इसके बाद निर्जला व्रत की शुरुआत होती है अगले शाम डूबते सूरज को अर्घ देने के साथ साथ अंतिम दिन उगते सूरज को अर्थ देने का विधान है सूर्य देव को समर्पित छठी मैया का यह त्यौहार चार दिन तक मनाया जाता है इस समय सुख शांति समृद्धि की कामना की जाती है।


इसी तारतम्यता में बैकुंठपुर शहर स्थित श्री राम मंदिर तालाब (राजा तालाब जोड़ा तालाब) बाज़ार पारा एवं गढ़ेलपारा स्थित छठी मैया पूजन समिति छठ घाट में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आकर्षक सजा के साथ उक्त पर्व शहर वासियों आसपास के ग्रामीण नागरिकगण, गणमान्य नागरिकगण,जनप्रतिनिधि एवं सबसे महत्वपूर्ण छठी व्रतियों के द्वारा छठ महापर्व मनाया गया

आपको बता दें देवराहा बाबा सेवा समिति और सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वाधान में पूजा के फूल, कॉफी चाय का वितरण व्रतियों, भक्तजनों व उपस्थित जन समुदाय को किया गया।

वही गढ़ेलपारा स्थित छठघाट में जय छठी मैया सेवा समिति द्वारा दिनांक 7 नवंबर को भजन संध्या व दिनांक 8 नवंबर को प्रातः 4:00 बजे से भजन प्रातः सुमिरन का आयोजन सर्व ब्राह्मण समाज कोरिया के सहयोग से किया गया है


आयोजन कर्ताओं ने लोगो से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में आकर सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजन में हो रहे भजन कार्यक्रम का आनंद उठाए।



