कोरिया वन मंडल के सोनहत में भ्रष्टाचार पर फूटा जनाक्रोश: चौतरफा घिरा वन विभाग,अब कानूनी लड़ाई और जनांदोलन की तैयारी
नागरिक एकता मंच, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, पूर्व विधायक गुलाब कमरो और कोरिया जन सहयोग समिति ने उठाई जांच की मांग; 25 अगस्त को घेराव की चेतावनी

बैकुंठपुर/सोनहत। कोरिया वन मंडल के सोनहत वन परिक्षेत्र में कराए गए तालाब, फेंसिंग एवं अन्य निर्माण कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही, प्रतिबंधित अवधि में मशीनों के उपयोग तथा फर्जी मस्टर रोल तैयार किए जाने के आरोपों को लेकर जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों तथा नागरिक संगठनों ने अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की मांग उठाई है, जिससे वन विभाग पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है।
नागरिक एकता मंच ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 25 अगस्त तक कार्रवाई की मांग
नागरिक एकता मंच, सोनहत के संयोजक मनोज साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल एवं स्थानीय ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोनहत को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से कराए गए कई निर्माण कार्य पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे निर्माण गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। मंच का यह भी आरोप है कि 15 जून के बाद मिट्टी संबंधी कार्यों पर प्रतिबंध के बावजूद जून-जुलाई में मशीनों से कार्य कराए गए, जिससे स्थानीय मजदूरों एवं आदिवासी श्रमिकों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
मंच ने तन्जरा बीट में कराए गए फेंसिंग एवं अन्य निर्माण कार्यों की जांच कराने के साथ-साथ संबंधित बीट गार्ड पर ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोपों की भी जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो 25 अगस्त को नागरिक एकता मंच एवं क्षेत्रवासी वन विभाग कार्यालय का घेराव करेंगे।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी उठाए सवाल
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी श्याम सिंह मरकाम ने भी मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाब निर्माण कार्यों में मशीनों का व्यापक उपयोग किया गया तथा स्थानीय मजदूरों को रोजगार से वंचित किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मशीनों के उपयोग, मस्टर रोल और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो पार्टी आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने पीसीसीएफ से की चर्चा, उठाए कई प्रश्न
भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मामले को लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF), रायपुर से दूरभाष पर चर्चा कर जांच की मांग की। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए, जिनमें प्रमुख रूप से—
– वर्षाकाल में मिट्टी संबंधी निर्माण कार्य कराए जाने का औचित्य।
– क्या निर्माण कार्य केवल बजट व्यय करने की जल्दबाजी में कराए गए?
– निर्माण स्थलों पर सूचना पटल (डिस्प्ले बोर्ड) नहीं लगाए जाने तथा मशीनों के उपयोग की वैधता।
पूर्व विधायक ने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो प्रभावित ग्रामीणों एवं युवाओं के साथ व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
कोरिया जन सहयोग समिति ने भी सौंपा ज्ञापन
मामले में कोरिया जन सहयोग समिति ने भी उप वन मंडलाधिकारी (एसडीओ फॉरेस्ट) को ज्ञापन सौंपकर सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। समिति ने अपने विधिक सलाहकारों के माध्यम से दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई है।
वन विभाग पर बढ़ा जवाबदेही का दबाव
गौरतलब है कि हाल के समय में सोनहत क्षेत्र में वन विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में तालाब, फेंसिंग एवं अन्य निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोपों ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों द्वारा लगातार जांच की मांग किए जाने से प्रशासन पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की संभावना बन सकती है, जबकि दूसरी ओर संबंधित पक्षों का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।



