आधुनिक खेती की ओर बढ़े किसान, खरीफ सीजन में पहली बार अपनाया नैनो डीएपी
भरतपुर के ग्राम कनौज के किसान राजेंद्र सिंह बोले— कम लागत, आसान परिवहन और बेहतर उत्पादन की उम्मीद

एमसीबी / जिले में आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड भरतपुर के ग्राम कनौज निवासी किसान राजेंद्र सिंह ने खरीफ सीजन में पहली बार अपनी फसल के लिए नैनो डीएपी का उपयोग शुरू किया है। उन्होंने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से नैनो डीएपी प्राप्त कर अपनी खेती में इसका प्रयोग करने का निर्णय लिया।
राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष गांव और आसपास के कई किसानों ने नैनो डीएपी का उपयोग किया था, जिससे उनकी फसलों की बढ़वार बेहतर रही और उत्पादन में भी वृद्धि देखने को मिली।
इन सकारात्मक परिणामों से प्रेरित होकर उन्होंने भी इस वर्ष अपनी खेती में आधुनिक तकनीक अपनाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी का सबसे बड़ा लाभ इसका आसान परिवहन है। जहां पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियां ढोनी पड़ती थीं, वहीं नैनो डीएपी की छोटी बोतल आसानी से बैग में रखकर ले जाई जा सकती है। इससे
किसानों का समय, श्रम और परिवहन लागत तीनों की बचत होती है।
राजेंद्र सिंह का मानना है कि यदि किसान नई कृषि तकनीकों को समझकर उनका सही ढंग से उपयोग करें, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।
कृषि विभाग द्वारा भी किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी लगातार दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक किसान इन नवाचारों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने के साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकें।



