रामानुज महाविद्यालय में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

बैकुंठपुर/ शासकीय रामानुज प्रताप सिंह देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुंठपुर के डिजिटल लाइब्रेरी में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन प्राचार्य डॉ. एम. सी. हिमधर के मार्गदर्शन डॉ बृजेष कुमार पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक हिंदी के संयोजन और अनुरंजन कुजूर सहायक प्राध्यापक भौतिकी आयोजन सचिव के नेतृत्व में आयोजित हुआ।

संगोष्ठी ’बौद्धिक संपदा अधिकार -कानून एवं चुनौतियां’ विषय पर सम्पन्न हुआ। जिसमें 308 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलपति संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के मुख्य आतिथ्य, रवि कुमार कुर्रे पुलिस अधीक्षक कोरिया के विशिष्ट आतिथ्य एवं डॉ. एम सी हिमधर, प्राचार्य के अध्यक्षता में आयोजित हुआ। संगोष्ठी का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया तत्पश्चात राज्यगीत एवं राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन हुआ। प्राचार्य डॉ.एम.सी.हिमधर के द्वारा स्वागत उद्बोधन देते हुए संगोष्ठी के आयोजन के उद्देश्यों व महत्त्व पर प्रकाश डाला गया। संयोजक डॉ. बृजेष कुमार पाण्डेय ने विषय प्रवर्तन के क्रम में सेमिनार में निर्धारित विषय को स्पष्ट करते हुए बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार सभी विषयों के स्नातकोत्तर कक्षाओं में एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता है और लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल है। उद्बोधन के क्रम में प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलपति महोदय द्वारा संस्कृत के श्लोकों का हवाला देते हुए बताया गया कि ज्ञान एवं विद्या की चोरी नहीं की जा सकती। साथ ही वर्तमान परिदृष्य पर प्रकाष डालते हुए विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से ज्ञान के क्षेत्र में दूसरों द्वारा की जा रही चोरी व नकल को रेखांकित करते हुए बौद्धिक सम्पदा एवं अधिकार की आवष्यकता एवं उसके प्रति जागरूकता पर जो दिया गया। रवि कुमार कुर्रे पुलिस अधीक्षक कोरिया अपने उद्बोधन में कहा कि व्यक्ति के जीवन मे बुद्धि एवं विवेक के साथ-साथ कार्य कुषलता का होना अनिवार्य होता है।

जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मूल्यों को स्थापित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है। प्रथम सत्र का संचालन डॉ. सुनीता सिंह एवं आभार प्रदर्षन डॉ. प्रवीण पाल के द्वारा किया गया। द्वितीय सत्र के चेयर पर्सन के रूप में चन्द्र प्रकाष पाण्डेय, सीनियर एडवोकेट हाईकोर्ट इलाहाबाद, डॉ. अजय सिंह, विषय विषेषज्ञ, सहायक प्राध्यापक विधि, केन्द्रीय विष्वविद्यालय गुरू घासीदास बिलासपुर, प्रभात पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक विधि, पं.हरिसहाय विधि महाविद्यालय गोरखपुर उ.प्र., मंच संचालन जयश्री प्रजापति सहायक प्राध्यापक गृहविज्ञान एवं आभार प्रदर्षन डॉ. कुलदीप ओझा द्वारा किया गया। तृतीय सत्र के चेयर पर्सन के रूप में डॉ. जय नारायण पाण्डेय, विभागाध्यक्ष्य अर्थषास्त्र, शासकीय राजीव गांधी पी.जी.महाविद्यालय अम्बिकापुर, विषय विषेषज्ञ हरेन्द्र कुमार पाण्डेय, सहायक अभियोजन निदेषक कोरिया, मुख्य वक्ता, डॉ. बृजेष कुमार, सहायक प्राध्यापक विधि, राजीव गांधी पी.जी. महाविद्यालय अम्बिकापुर, मंच संचालन मो. इम्तियाज अली, क्रीड़ा अधिकारी एवं आभार प्रदर्षन डॉ. संदीप सिंह के द्वारा किया गया। चतुर्थ एवं समापन सत्र की अध्यक्षता संस्था प्राचार्य/संरक्षक डॉ.एम.सी.हिमधर, डॉ. रिजवान उल्लाह, क्षेत्रीय अपर संचालक उच्च षिक्षा अम्बिकापुर के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ एवं अनुरंजन कुजूर, कार्यक्रम सचिव के द्वारा सेमिनार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। विषय विषेषज्ञों के द्वारा बौद्धिक सम्पदा अधिकार पर विभिन्न पहलुओं के द्वारा सेमिनार में कॉपीराइट, पेटेंट, ट्रेडमार्क, डिजाईन एण्ड ट्रेड जैसे मुख्य मुख्य बिन्दुओं पर पी.पी.टी. के माध्यम से बहुत ही सरलता से प्रस्तुत किया गया जो अध्ययन एवं शोध के क्षेत्र में षिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक सिद्ध होगा।

शोधार्थियों के द्वारा शोध पत्रों का वाचन किया गया जिसमें कनकलता पैकरा, रमनप्रीत कौर, मनोज साहू, दीप्ति साहू आदि। डॉ. रिजवान उल्लाह जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में नवीन अविष्कार होने के बाद भी उसकी मौलिकता सुरक्षित रहे यह एक बड़ी चुनौती है। बौद्धिक सम्पदा अधिकार के माध्यम से कॉपीराइट, डेटा चोरी जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिए बौद्धिक सम्पदा अधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान करता है। प्राचार्य डॉ. एम.सी.हिमधर अपने उद्बोधन मे आयोजन समिति के संयोजकों एवं सदस्यों को बधाई दी एवं सभी को विष्वास दिलाते हुए कहा कि संगोष्ठी का जो बीजारोपण आज हुआ है यह आने वाले वर्षों मे इस प्रकार के कार्यक्रमों की निरंतरता बनी रहे, जिससे शोध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आये हुए प्राचार्य एवं प्राध्यापकों – डॉ. रामकिंकर पाण्डेय, डॉ.षिवषंकर राजवाड़े, प्रो. शैलेष मिश्रा, प्रो. बृजलाल साहू, डॉ.सुमित डे, डॉ. बरखा सिंह, डॉ. कुसुमलता प्रजापति, पूनम टोप्पो आदि उपस्थित रहे। सभी शोधार्थियों को अतिथियों के द्वारा सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के चतुर्थ सत्र का संचालन डॉ. अर्चना पाण्डेय तत्पष्चात आभार प्रदर्षन के क्रम डॉ. विनय कुमार शुक्ला, विभागाध्यक्ष हिंदी के द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी में आये हुए सभी के प्रति अतिथियों एवं विद्ववत्जनों एवं शोधार्थियों साथ महाविद्यालयीन अधिकारी, कर्मचारी सभी को कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. ए.देऊस्कर, भूपेन्द्र सिंह एवं अन्य सभी अतिथि व्याख्याता, अधिकारी/कर्मचारी, तकनीकी सहायक मो.आरीफ ढेबर, पुष्पराज सिंह, राजकुमार राजवाड़े एवं शोध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



