घने जंगल के बीच छात्रावास में अंधेरे का संकट, सोलर बैटरी खराब होने से 23 छात्रों की पढ़ाई पर संकट
बिजली गुल होते ही छा जाता है अंधेरा, सांप-बिच्छू के डर के बीच रात गुजारने को मजबूर विद्यार्थी

एमसीबी /विकासखंड भरतपुर के दूरस्थ वनांचल स्थित बालक छात्रावास, बड़गांवकल में रह रहे 23 छात्र इन दिनों मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे हैं। विकासखंड मुख्यालय से करीब 55 से 60 किलोमीटर दूर घने जंगल के बीच स्थित इस छात्रावास में सोलर सिस्टम की बैटरी लंबे समय से खराब पड़ी है। नतीजतन रात होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है। बरसात के मौसम में बिजली आपूर्ति भी अक्सर बाधित रहती है और कई-कई दिनों तक बहाल नहीं हो पाती, जिससे विद्यार्थियों की
पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
छात्रों का कहना है कि अंधेरे के कारण रात में छात्रावास से बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। जंगल क्षेत्र होने से सांप, बिच्छू सहित अन्य जहरीले जीवों का खतरा बना रहता है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने से विद्यार्थियों में भय का माहौल है और वे नियमित रूप से अध्ययन भी नहीं कर पा रहे हैं।
स्कूल खुलने के बाद से नहीं मिली बिजली, पढ़ाई हो रही प्रभावित
छात्र बाल गोविंद ने बताया कि विद्यालय में लगा सोलर सिस्टम लंबे समय से बंद पड़ा है। स्कूल खुलने के बाद से ही बिजली की सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। अंधेरे के कारण कक्षाओं में अध्ययन और परिसर में आने-जाने में भी विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने तत्काल नई बैटरी लगाने या खराब बैटरी की मरम्मत कराने की मांग की।
छात्र वन प्रसाद ने बताया कि बिजली नहीं रहने से कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती, जिससे पढ़ाई में कठिनाई होती है। वहीं अंधेरे के कारण विद्यालय परिसर में आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। उन्होंने जल्द से जल्द सोलर सिस्टम दुरुस्त कराने की मांग की।
छात्र राजेश कुमार ने कहा कि लंबे समय से बिजली की समस्या बनी हुई है। रात में पढ़ाई नहीं हो पाती और अंधेरे के कारण बाहर निकलने में भी डर लगता है। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए तत्काल सोलर बैटरी बदलने की मांग की।
अधीक्षक बोले—कई बार शिकायत की, हर बार मिला सिर्फ आश्वासन
छात्रावास अधीक्षक अमरजीत ने बताया कि सोलर सिस्टम की खराब बैटरी और बिजली समस्या की जानकारी संबंधित विभाग को कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि हर बार अधिकारी और कर्मचारी “आज आएंगे, कल आएंगे” कहकर आश्वासन देते हैं, लेकिन मरम्मत के लिए कोई नहीं पहुंचता। लंबे समय से सोलर सिस्टम बंद होने से छात्रावास में रह रहे 23 विद्यार्थियों की पढ़ाई और दैनिक दिनचर्या गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि छात्रावास के सोलर सिस्टम की बैटरी तत्काल बदली जाए तथा नियमित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्र में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर अध्ययन का वातावरण मिल सके।



