जेल में बंदियों को मिला हुनर का प्रशिक्षण, 35 बंदियों ने सीखा फास्ट फूड बनाने का कौशल
पुनर्वास की दिशा में पहल, समोसा और केक बनाने का दिया गया प्रशिक्षण

कोरिया/ जिला जेल बैकुंठपुर में निरुद्ध बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके पुनर्वास के उद्देश्य से कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिला जेल बैकुंठपुर में रूरल सेल्फ एम्प्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आरएस ईटीआई ) द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैकुंठपुर के सहयोग से 21 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक यह प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण मुख्यालय जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं छत्तीसगढ़, रायपुर के ‘निश्चय कार्यक्रम’ के अंतर्गत आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में बंदियों को स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फास्ट फूड निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान बंदियों ने पिज्जा, चाउमीन, मंचूरियन, मोमोज, समोसा, भजिया, फ्रेंच फ्राइज, गुपचुप तथा विभिन्न डिजाइन के केक तैयार करने का हुनर सीखा। इसके साथ ही उन्हें साफ-सफाई एवं खाद्य स्वच्छता, गुणवत्तायुक्त सामग्री तैयार करने तथा फूड स्टॉल आदि में ग्राहक प्रबंधन के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 35 बंदियों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान उन्हें लोन एवं बीमा से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे अपने कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू कर सकें।
जेल प्रशासन के अनुसार, इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बंदियों को उपयोगी कौशल प्रदान कर अपराध से दूर रखते हुए समाज की मुख्यधारा में पुनः जोड़ना तथा आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक जेल अधीक्षक श्री एसके आबिद रजा तथा आरएसईटीआई बैकुंठपुर की डायरेक्टर श्रीमती महती बनर्जी का विशेष योगदान रहा।



