
बैकुण्ठपुर/ शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुण्ठपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना महिला एवं पुरूष इकाई ने युवाओं के प्रेरणा पुरूष स्वामी विवेकानन्द जी के 163वीं जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया गया। प्रथम चरण में स्वेदशी संकल्प दौड़ आयोजित किया गया जिसे महाविद्यालय के प्राचार्य ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
द्वितीय चरण में महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ0 एम0सी0हिमधर, विभागाध्यक्ष राजनीतिशास्त्र डॉ. गौरव कुमार मिश्र, विभागाध्यक्ष इतिहास श्री भूपेन्द्र सिंह के द्वारा स्वामी विवेकानन्द जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

गत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अनुरंजन कुजूर के द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा मंच का संचालन करते हुए डॉ. कुलदीप ने कहा कि भारत की पावन भूमि युग-युगान्तर से ऐसे महापुरूषों की साक्षी रही है जिन्होंने इस राष्ट को नयी दिशा देने के साथ-साथ सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए अपने जीवन को समर्मित कर दिया। यह वही पुण्यधरा है, जहां जन्म लेना देवताओं के लिए भी सौभाग्य माना गया। इसी गौरवशाली परम्परा की कड़ी में भारतीय संस्कृति के ध्वजावाहक गीता के कर्म योग के सच्चे पुजारी तथा वैचारिक क्रांति के अग्रदूत स्वामी विवेकानंद ने आध्यत्मिकता को कर्म सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा तथा भारतीय संस्कृति की आत्मा को विश्व पटल पर प्रस्तुत किया उनके विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ है। ऐसे युग पुरूष का व्यक्तित्व एंव कृतित्व न केवल भारत के लिए बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए अनुकरणीय है। स्वागत गीत की संगीतमयी प्रस्तुति आस्था विश्वकर्मा ने दी। उद्बोधन के क्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. जी.के.मिश्र एवं श्री भूपेन्द्र सिंह ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित प्रसंगों को अपने विचार साझा किये। प्राचार्य डॉ.एम.सी.हिमधर ने राष्ट्रीय युवा दिवस के आयोजकों को बधाई दिया एवं कहा कि स्वामी विवेकानन्द का व्यक्तित्व एवं कृतित्व हम सभी के लिए प्रेरणादायी है, आप सभी अपना लक्ष्य निर्धारित करके सफलता प्राप्त कर राष्ट्र एवं समाज सेवा के लिए अपना योगदान दें। विवेकानन्द जी के जीवन पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें भाषण, प्रेरणादायक गीत, प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई और विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आशा राजवाड़े, द्वितीय स्थान सुशील यादव एवं तृतीय स्थान कमला देवी, प्रेरणादायक गीत प्रतियोगिता में पहला स्थान मुकेश कुमार, दूसरा स्थान आशीष एवं तीसरा स्थान आशा राजवाड़े एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में स्नेहा खटिक प्रथम स्थान, धनेश्वर सिंह द्वितीय स्थान एवं सुशील कुमार तृतीय स्थान प्राप्त किये। निर्णायक मण्डल में डॉ. रामयश पाल, डॉ. प्रदीप द्विवेदी, डॉ. सचिन सिंह, श्रीमती नीलम गोयल, श्रीमती कंचन जायसवाल, सुश्री ईप्सा अरूण शामिल रहीं। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं स्टाप उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम सहायक मो. आरीफ ढ़ेबर, श्री राजकुमार राजवाड़े वरिष्ठ स्वंय सेवक तौफिक खान, शशि पोर्ते, डोलिमा, तनुप्रिया, अपर्णा सिंह, अनुज राजवाड़े का सक्रिय योगदान रहा।



