सरगुजा संभाग

वनांचल के कुमार कृष्णदत्त श्यामले को मिला हिंदी काव्य रत्न

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जनकपुर–एमसीबी/ वनांचल की धरती में भी साहित्य के सुमन खिलते रहे है और अपने सुगंध से दूर दूर तक प्रेम और भाईचारे की बयार फैला रहे है। इसी का एक सुंदर पर्याय है कुमार कृष्ण दत्त। जिन्होंने आधुनिक सुविधाओ से कोसो दूर रहकर भी मां शारदेय और साहित्य सेवा में अपना सब कुछ समर्पित कर दिया है। इसी का परिणाम है कि विगत 14 सितंबर को हिंदी दिवस के मौके पर शब्द प्रतिभा बहु क्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा हिंदी काव्य रत्न मानक उपाधि से सम्मानित किया गया।यह एमसीबी कोरिया सहित समूचे वनांचल के लिये गौरव का विषय है। शुभचिंतकों ने कृष्ण दत्त को शुभकानाएं प्रेषित की है।

कवि के बारे में:

परिचय –
ओजकवि/लोक गीतकार-
कुमार कृष्णदत्त श्यामले
पिता- श्री भगवानदीन श्यामले
माता- श्री मती चंदा बाई
जन्मतिथि- 6 फरवरी 1998
पता-
ग्राम-घघरा,थाना-जनकपुर,तहसील- भरतपुर, जिला- एम.सी.बी (छत्तीसगढ)
शिक्षा-
स्नातक (बायो साइंस)- शासकीय नवीन महाविद्यालय जनकपुर।
स्नातकोत्तर(हिन्दी साहित्य)- नवीन महाविद्यालय जनकपुर ।

सम्मान- स्व. रूद्र प्रसाद “रूप” स्मृति
साहित्य एवं सांस्कृतिक सम्मान, अभ्युदय हुनर की खोज 2022 वर्चुअल काव्यपाठ में “काव्यतरंग” सम्मान, अभिव्यक्ति एवं सौम्य महिला समिति एस.ई.सी.एल. बैकुंठपुर क्षेत्र द्वारा आयोजित व्याख्यान, परिचर्चा एवं गोष्ठी कार्यक्रम में सहभागिता निभाने पर सम्मान पत्र, विश्व गुरु भारत गौरव सम्मान- 2024 एवं शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाऊंडेशन नेपाल द्वारा हिन्दी दिवस अंतरराष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता में ” हिन्दी काव्य रत्न” मानद उपाधि सम्मान प्रदत्त ।

प्रकाशित कृति- “आसमान की ऊंचाई” नामक साझा काव्य संग्रह में विस्तृत परिचय एवं चार कविताएं प्रकाशित, ‘मैं किसान का बेटा हूं’ नामक साझा काव्य संग्रह में दो रचनाएं प्रकाशित एवं ‘कोसम’ (कोरिया साहित्य मंच) में दो रचनाएं प्रकाशित ।

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दूरभाष – 8319572876।

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