अमृतधारा जलप्रपात : पर्यटकों का आकर्षण हो सकती है बड़ी दुर्घटना जिला प्रशासन करे व्यवस्था सुदृढ़
किनारों में कोई रेलिंग नही, हो चुकी है पहले दुर्घटना

एमसीबी/ प्रकृति के नैसर्गिक सुंदरता की चादर ओढ़े कोरिया और नवगठित एमसीबी जिला में कई सुंदरतम मनोरम स्थल है। अमृतधारा जल प्रपात तो राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। ऐतिहासिक है। कभी कभी सुंदरता और आकर्षण जानलेवा साबित हो काला धब्बा बन जाती है। जिला प्रशासन एमसीबी को इस ओर त्वरित ध्यान आकर्षण की जरूरत है। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। आज सेल्फी युग है मोबाइल का जमाना है और उसके चक्कर में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कहते है कि समाज में साहित्यकार का काम प्रबोधक का होता है और एमसीबी जिले के मनेद्रगढ़ शहर की प्रसिद्ध कवयत्री अनामिका चक्रवर्ती “अनु” ने यह सिद्ध किया है। उन्होंने समाज हित,नारी हित और राष्ट्रहित पर लिखा है देश के नामचीन पत्र पत्रिकाओं में छपी है तो आकाशवाणी में भी साहित्य और अपनी लेखनी का डंका बजाया है। उन्होने सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की है कि
“अपील
जिला_एमसीबी_प्रशासन”
किसी गाने में जैसे बेबी को बेस पसंद है वैसे ही
प्रशासन को हादसा पसंद है!
अगर हादसे ना हो तो प्रशासन की नाच में धमक जरा कम हो जाती है।
और इसका जीता जागता उदाहरण है एमसीबी जिला मनेंद्रगढ़ #MCB #Manendragarh #Chhattisgarh #अमृतधारा_जलप्रपात
इन दिनों जब सावन अपने चरम पर है और बारिश अपने पूरे आवेग पर है अमृतधारा जलप्रपात का अद्भुत सौंदर्य रूप देखने को मिल रहा है
जलप्रपात अपने विशाल जलधारा के रूप में है
और यह देखने में जितना खूबसूरत है उतना ही खतरनाक भी है
और ऐसे में आसपास और दूर-दूर से लोग इसके अद्भुत नजारे को देखने वहां पहुंच रहे हैं वहां का जल स्तर बहुत दूर-दूर तक बढ़ चुका है।
और जहां पर पहले लोहे की रेलिंग थी और रेलिंग भी अब टूट चुकी है अब रेलिंग की जगह कुछ भी नहीं है और लोग किनारे तक जा सकते हैं इसके ठीक नीचे गहरे में पानी की खाई है जहां जलधारा अपने पूरे आवेग के साथ बह रही है।
वहां की स्थिति कभी भी किसी हादसे को आमंत्रित करती हुई दिखाई दे रही है ।
इतने बड़े जलप्रपात क्षेत्र में जहां पर प्रशासन #अमृतधारा_महोत्सव के नाम से #राज्य_उत्सव करती है इस वक्त वहां पर एक गार्ड भी नहीं है जो सैलानियों को किनारे जाने से रोके या उन पर नजर रखें ।
ये सब देखकर पहलगाम हमले की बात याद आ गई ऐसी नाजुक जगह पर पहले से किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं रखी जाती है और फिर हादसे के बाद कोहराम मचता है।
लेकिन हाथ आती है केवल बॉडी किसी न किसी के परिजन के लाश के रूप में।
और अमृत धारा में तो लगातार इस तरह के हादसे होते रहते हैं जब पानी कम रहता है तब और अब तो जब पानी का स्तर इतने विशाल रूप में बढ़ा हुआ है तब वहां पर प्रशासन की तरफ से कोई भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं है ना कोई चौकीदार ना कोई गार्ड
कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो सैलानियों को किनारे जाने से रोके उनकी सुरक्षा का ध्यान रखे।
हालांकि सैलानियों को अपनी जिम्मेदारी से सावधानी भी रखनी चाहिए लेकिन जल अपनी अद्भुत सौंदर्य से लोगों को खींचता है इस बात भी नकारा नहीं जा सकता है।
वैसे भी सेल्फी के चक्कर में ऐसे हादसे हम अक्सर और लगातार सुनते आ रहे हैं।
मेरी #प्रशासन से #अपील है कि वह इन दिनों वहां की #सुरक्षा_व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें और वहां के रेलिंग का #पुनर्निर्माण कर वहां गार्ड एवं सुरक्षाकर्मी तैनात करें।
क्योंकि हादसे के बाद सरकार मुआवजा तो दे सकती है लेकिन किसी परिवार के अपनों को नहीं लौटा पाएगी।
अमृतधारा जलप्रपात की तस्वीर देखी जहां पर लाल क्रॉस लगा है वहां तक जाकर लोग खड़े होकर फोटो ले रहे हैं और नीचे झांक रहे हैं।
और वहां कुछ भी नहीं है अगर एक व्यक्ति एक व्यक्ति से टकराकर भी नीचे गिर सकता है।
या पानी के प्रबल वेग को देखकर चक्कर खाकर भी कर सकता है
आंखें खोलिए प्रशासन
सावन के अंधेपन में
अंधा मत बनिए



