नाबालिक के साथ गैंगरेप के मामले में एससीएफओ बनवारी सिंह निलंबित, मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वनवृत्त माथेश्वरन व्ही ने कहा : दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।
विद्यालय के कलंक रहे ये शिक्षक इन पर भी गिरी गाज।

एस. के.‘रूप’
जनकपुर–एमसीबी/ विगत 26 नवंबर को मानवता को शर्मसार करने वाला मामला जनकपुर देवगढ़ से सामने आया। जहां नाबालिक छात्रा से स्कूल के ही हेड मास्टर, प्रभारी प्राचार्य एवं व्याख्याता के साथ-साथ वन विभाग के एससीएफओ उपवन क्षेत्रपाल की संलिप्तता वह अनाचार की घटना कारित करने के कारण थाना जनकपुर द्वारा गिरफ्तार किया गया इस पर बड़ी कार्यवाही करते हुए मुख्य वन संरक्षक सरगुजा माथेश्वरण व्ही सरगुजा वनवृत्त द्वारा दिनांक 26 11.2024 को ही त्वरित आदेश जारी करते हुए एससीएफओ उपवन क्षेत्रपाल आरोपी बनवारी सिंह को निलंबित कर दिया गया है पढ़िए क्या लिखा है आदेश में:

वनमण्डल, मनेन्द्रगढ़ अन्तर्गत पदस्थ श्री बनवारी सिंह, उपवनक्षेत्रपाल (एस.सी. एफ.ओ.) के विरुद्ध याना जनकपुर में अपराध क्र. 228/2024 धारा 70 (2), 49, 351 (2) बी. एन. एस. एवं 6.17 पाक्सो एक्ट पंजीबद्ध होने पर आरोपी श्री बनवारी सिंह, उपवनक्षेत्रपाल (एस.सी.एफ.ओ.) को दिनांक 26.11.2024 को पुलिस थाना जनकपुर के द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में लेने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 1 (ख) के अंतर्गत अभिरक्षा में निरूद्ध किये जाने के फलस्वरूप श्री बनवारी सिंह, उपवनक्षेत्रपाल, विशेष कर्तव्य, उत्पादन ईकाई जनकपुर, वनमण्डल मनेन्द्रगढ़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किये जाने का प्रस्ताव प्रेषित किये जाने के फलस्वरूप श्री बनवारी सिंह, उपवनक्षेत्रपाल (एस.सी.एफ.ओ.) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तह निलंबित किया जाता है।
निलंबन अवधि में श्री बनवारी सिंह,का मुख्यालय जमानत पर रिहा होने पर कार्यालय वन संरक्षक, वन्यप्राणी, सरगुहा वृत्त, अम्बिकापुर निर्धारित किया जाता है। निलंबन अवधि में इन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते क पात्रता होगी।



