छत्तीसगढ़

योग किसी सरहद और धर्म से परे बंधुत्व की भावना से बंधा होता है – उप संचालक सिन्हा

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मनेद्रगढ़/छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक एवं योग एवं आयुर्वेद के पक्षधर रमेश कुमार सिंहा का एमसीबी योग सेवा समिति के द्वारा , सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार एवं कार्टूनिस्ट जगदीश पाठक ने की। उपसंचालक सिन्हा की सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित विदाई समारोह पर कार्यक्रम के संयोजक सतीश उपाध्याय ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश कुमार सिंहा का जीवन परिचय, उनकी सेवाकालीन विशिष्ट उपलब्धियां और 40 वर्ष की लंबी साहित्य साधना का उल्लेख किया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध गायक जसवीर सिंह रैना उर्फ बबलू एवं पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी श्रीमती बलबीर कौर ने अपने विशिष्ट गायन से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान की। आमंत्रित अतिथियों का स्वागत हरित योग की मूल भावना के तहत डॉ संदीप चंदेल, एवं समाज सेविका श्रीमती रूपा पोद्दार ने हरे भरे गमले भेंट करके किया । अपने उद्बोधन में समाज कल्याण विभाग के संचालक रमेश कुमार सिन्हा ने योग की व्याख्या करते हुए कहा कि आज मैं ऐसे योग मंच पर खड़ा हूं जो निरंतर 20 वर्षों से बगैर किसी हताशा और निराशा के मनेद्रगढ़ नगर में संचालित है उन्होंने योग के संबंध में इस नारे को बुलंद किया-” न कोई सरहद , न कोई धर्म, हर कोई समझ रहा योग का मर्म -“। उन्होंने योग को सांसों के साथ संवाद की कला बताते हुए कहा कि -योग ध्यान और मौन का माध्यम है। योग समाधि की राह दिखाता है और योग देश की सीमाओं से परे है। सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं कार्टूनिस्ट जगदीश पाठक ने इस बात की प्रसन्नता व्यक्त किया कि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हैं और प्रतिदिन अपने दैनिक दिनचर्या में योग को समाहित किए हुए हैं अंत में उन्होंने अपने चुटीली कविताओं से वातावरण को प्रफुल्लित कर दिया। कार्यक्रम में ओमप्रकाश पांडे, चंद्रेश परिहार ,भैरव केसरवानी ,रामसेवक विश्वकर्मा, जगदंबा अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, पिंकी रैना नीलम दुबे ,सुनीता मिश्रा, कविता मंगतानी ,प्रियंका अग्रवाल, आर डी दिवान ,संध्या साहू, आदि योग साधक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सतीश उपाध्याय एवं जसवीर सिंह रैना ने किया।

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