चांदनी महिला स्वयं सहायता समूह सरईगहना की आदिवासी पण्डो जनजाति की महिलाएं ठगी की शिकार
कलेक्टर कोरिया को समाधान पेटी में डाल दिया शिकायत,इसके पहले अधिकारियों ने लिया था रागिनी और पण्डो महिलाओ का बयान बयान के बाद से ही बौखलाई है संचालिका

सीआरपी रागनी देवांगन ने लिए 27600 रु कहा कि मैंने नही लिया है जाओ जो करना है कर लो
उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर झूठा प्रकरण डाल मानसिक रूप से अन्य सीआरपी एवं राष्ट्रपति की दत्तक महिलाओं को कर रही है परेशान
संवाददाता सम्यक क्रांति
बैकुंठपुर/ राष्ट्रपति की दत्तक जनजाति पण्डो वर्ग की महिलाएं ठगी का शिकार हो गई थमने वाली महिला समूह की संचालिका है सीआरपी रागिनी देवांगन उल्टा चोर कोतवाल के डांटे के तर्ज पर धनराशि हड़प लेने के बाद भी उसका कोई विवरण नहीं देने के बावजूद एक अन्य सीआरपी व पण्डो महिलाओ को झूठे प्रकरण में फंसा देने की धमकी देकर प्रताड़ित कर रही है। जबकि नियम कहता है कि आदिवासियों का जिनका नाम केन्द्र अथवा राज्य की अनुसूची में शामिल है उनके प्रकरण में निराकरण त्वरित होना है महिलाओ ने गवाहों में समक्ष रुपए दिए है,और पैसा लेने के बाद हड़प नीति अपनाते हुए उन्हें ही भगा दिया जा रहा है।
पण्डो जनजाति की महिलाओं के लिखित आवेदन अनुसार विगत 10/04/2023 को पण्डो जनजाति की महिलाएं चांदनी स्वयं सहायता समूह की सीआरपी रागिनी देवांगन को गवाहों के समक्ष 26700 रु समूह के बैंक खाते में डालने के लिए एक एक पाई जोड़कर दिया था ।कुछ दिनों के बाद बैंक में रकम जमा नही होने की स्थिति में जब उससे पूछा गया तब उसने पीड़ित सभी महिलाओ को डांटकर धमकी देकर भगा दिया कि मैंने तुमसे कोई रकम नहीं किया है जाओ जो करना है कर लो। एक कोरे कागज में हस्ताक्षर लिया कि उसके ऊपर कोई बकाया राशि नही है लेकिन उक्त पीड़ित महिलाओं का हस्ताक्षर नही है यह हस्ताक्षर युक्त कोरे कागज की लिखावट ही संदिग्ध है जिसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि समूह की कुछ महिला अंगूठा लगाती और कोई भी ठग तो यही कहेगा कि उसने नही ठगा है फिर ग्रामीण महिलाओं के पास गवाह है जिनके समक्ष उन्होंने रागिनी को धन दिया था ।
आपको बता दें चांदनी स्वयं सहायता समूह सरई गहना की आदिवासी पण्डो महिलाए विगत 10/04/2023 को रागिनी को धनराशि गवाहों के समक्ष प्रदान किए जिसमे समूह की सदस्य सुमित्रा पण्डो 2000 रु,मंगली पण्डो 3500,सविता पण्डो 3500, संपतिया पण्डो 4600, कौशिलया 5000,इजोरिया 4000, सुमित्रा 2000,इंद्रकुंवर 3000 रु सम्मिलित है।
इधर उल्टा चोर कोतवाल को डांटे के तर्ज पर रागिनी द्वारा पण्डो महिलाओ और एक अन्य संचालिका के ही खिलाफ थाने में झूठा प्रकरण डाल दिया। जबकि खुद शारीरिक और मानसिक रूप से समूह की महिलाएं रागिनी द्वारा प्रताड़ित है। फिर भी कोरिया कलेक्टर से न्याय की उम्मीद में उन्होंने थाने जाना उचित नही समझा। श्रीमान पुलिस अधीक्षक से पीड़ित महिलाओं का आग्रह है कि इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए चांदनी महिला स्वयं सहायता समूह की सीआरपी रागिनी देवांगन के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उचित कार्यवाही करेंगे। साथ ही जिला प्रमुख से तत्काल मेहनत का रुपया वापस दिलाने की गुहार महिलाओं ने समाधान पेटी में अपनी शिकायत डालकर की है अब देखना होगा राष्ट्रपति की दत्तक महिलाओ से जुड़े इस मामले में कब तक न्याय मिलता है।



