कोरिया

अज्ञात शव की हुई पहचान चरचा थाना ने किया हत्या का खुलासा

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एस. के.‘रूप’

कोरिया/ विगत दिनों सपाटा भर से अज्ञात लाश की चर्चा चल रही थी प्रथम दृष्टया यह लग रहा था कि उसे बेरहमी से मार दिया गया है कर हुआ भी यही आपको बता दें थाना चरचा में विगत दिनांक 12 जुलाई 2025 को ग्राम तर्रा निवासी मोती राम पिता स्व. सोनसाय (उम्र 73 वर्ष) द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि परेवा घाट तीखुर घोसा नाला के पास बीते 4-5 दिनों से एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां शव का निरीक्षण किया गया। मृतक के बायें हाथ में चैनदार घड़ी, बांयी भुजा में ‘ॐ’ गोदना, नीला चड्ढा एवं नीला टी-शर्ट पहना होना पाया गया। शव की हालत सड़ी-गली अवस्था में थी। प्रारंभिक जांच के बाद शव का पीएम कराया गया। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर थाना चरचा में अपराध क्रमांक 132/2025 धारा 103(1), 238(ए) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन एवं पूछताछ में संदेही लक्ष्मण राजवाड़े और रामदेव राजवाड़े का नाम सामने आया। दोनों से कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि दिनांक 08 जुलाई 2025 को मृतक जय प्रकाश के साथ शराब पीने के बाद बिशुनपुर गांव गये थे। वहां शराब के नशे में आपस में विवाद होने पर अमरैया जंगल में हाथ मुक्का से मारपीट की, जिससे मृतक के नाक से खून निकलने लगा। इसके बाद आरोपियों ने डर के कारण परेवा घाट तर्रा जंगल में ले जाकर पत्थर और सरई के गेंड़े से सिर और छाती में वार कर जय प्रकाश की हत्या कर दी।

आरोपी रामदेव राजवाड़े पिता शिवनंदन राजवाड़े (उम्र 39 वर्ष) निवासी पहाड़पारा नवगई थाना सोनहत और लक्ष्मण राजवाड़े पिता रामकुमार राजवाड़े (उम्र 21 वर्ष) निवासी कर्री थाना सोनहत को दिनांक 14 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। इस हत्या के प्रकरण का सफल खुलासा पुलिस अधीक्षक जिला कोरिया श्री रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल के मार्गदर्शन में, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री राजेश साहू, निरीक्षक विनोद पासवान, प्रभारी सायबर सेल, थाना प्रभारी चरचा श्री प्रमोद पांडेय के नेतृत्व में किया गया। उक्त कार्यवाही में सउनि बालकृष्ण राजवाड़े, आरक्षक इलियास कुजूर, साकेत मरकाम, सागर लाल केवट, जय सिंह, जैनेन्द्र सिंह, प्रदीप कुमार श्याम, वेद प्रकाश पैकरा एवं सैनिक जुपेन्द्र कुशवाहा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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