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मिडटर्म इलेक्शन से पहले ईरान युद्ध से ट्रंप के निकलने का प्लान’ तैयार!

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वाशिंगटन/ट्रंप का कहना है कि भले ही उन्हें लगता है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो सकती है, लेकिन ईरान ने हॉर्मूज स्टेट में जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उससे भी बड़ा हमला कर सकता है। दरअसल हॉर्मोज स्टेट दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है। जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ चल रही यह जंग जल्द ही खत्म हो सकती है। लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर ईरान ने हॉर्नुज स्टेट में जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की तो अमेरिका और बड़ा हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही जंग बहुत जल्द खत्म हो सकती है। ट्रंप ने पिछले 10 दिनों से चल रही इस जंग को शॉर्ट टर्म एक्सकरशन यानी कि छोटा सा सैन्य अभियान बताया। फ्लोरिडा के डोरल शहर में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि 28 फरवरी से अब तक अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान के 5000 ठिकानों पर हमला कर चुका है। ट्रंप के मुताबिक इसी दिन ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामिनई की मौत हो गई थी। यानी कि 28 फरवरी को जो हमला ईरान पर हुआ था। जिसके बाद यह टकराव और तेज हो गया। 

ट्रंप का कहना है कि भले ही उन्हें लगता है कि यह लड़ाई जल्द खत्म हो सकती है, लेकिन ईरान ने हॉर्मूज स्टेट में जहाजों की आवाजाही रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उससे भी बड़ा हमला कर सकता है। दरअसल हॉर्मोज स्टेट दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है। जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है। इस रास्ते में तनाव बढ़ने की वजह से तेल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रंट क्रूड की कीमत एक समय $19 प्रति बैरल तक पहुंच गई। ट्रंप ने बातचीत में यह भी कहा कि मैं किसी आतंकी सरकार को दुनिया को बंधक बनाने और तेल की सप्लाई रोकने की इजाजत नहीं दूंगा। अगर ईरान ऐसा करता है तो उसे बहुत ज्यादा कड़ा जवाब मिलेगा। आगे उन्होंने कहा कि अमेरिका खाड़ी में चलने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देने के लिए राजनीतिक जोखिम बीमा दे रहा है और जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सुरक्षा भी साथ चलेगी। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका और इजराइल अभी भी ईरान के ड्रोन और मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने छोटा सा अभियान चलाया क्योंकि कुछ लोगों को हटाना जरूरी था। कई मायनों में हम जीत चुके हैं लेकिन अभी पूरी जीत नहीं मिली है। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन से फोन पर यूक्रेन और मिडिल ईस्ट के हालात पर बात की।

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि जब तक ईरान क्षेत्र के देशों पर हमले करता रहेगा और इज़रायल ईरानी ठिकानों पर अपनी कार्रवाई जारी रखेगा, तब तक अमेरिका के लिए इस संघर्ष से पूरी तरह पीछे हटना मुश्किल होगा। इससे पहले भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की वजह से ही अमेरिका ने ईरान की ओर ताबड़तोड़ हमले करने का सोचा था। अमेरिका का मानना था कि अगर इज़रायल ईरान पर हमला करता है, तो ईरान इसे अमेरिकी सेना के खिलाफ हमला मानकर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। रूबियो ने कहा हमें पहले से पता था कि इज़रायल कोई कार्रवाई करने वाला है। और हमें यह भी पता था कि अगर हम पहले ही कार्रवाई नहीं करते और उनके हमले शुरू होने का इंतज़ार करते, तो हमें ज्यादा नुकसान और हताहतों का सामना करना पड़ता। उन्होंने आगे कहा कि हमें विश्वास था कि उन पर हमला होगा और उसके बाद वे तुरंत हमारे ऊपर भी हमला कर सकते थे। इसलिए हम चुपचाप बैठकर वार झेलने के लिए तैयार नहीं थे।

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लेकिन इस मामले से परिचित लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में ट्रंप के सलाहकारों ने उन्हें इस संघर्ष से बाहर निकलने की योजना तैयार करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि लंबा चलता युद्ध जो अब अपने 10वें दिन में पहुंच चुका है, अमेरिकी राष्ट्रपति को मिल रहे समर्थन को कमजोर कर सकता है। एक हालिया सर्वे के अनुसार, लगभग 53% अमेरिकी मतदाताओं ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विरोध किया है। ट्रंप के कुछ सलाहकारों ने यह भी चेतावनी दी है कि मिडटर्म चुनाव नजदीक आ रहे हैं और इस बीच तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। ट्रंप के बाहरी आर्थिक सलाहकार स्टीफन मूर ने वॉल स्ट्रीट जनरल से कहा कि जब गैस और तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो बाकी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। पहले से ही महंगाई और खर्च लोगों के लिए चिंता का विषय हैं, ऐसे में यह स्थिति और बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकती है।

 

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