
बैकुण्ठपुर/ शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुण्ठपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों द्वारा सभा कक्ष में सिक्खों के दसवें गुरू गोविन्द सिंह जी के छोटे शाहिबजादों जोरावर सिंह एवं उनके छोटे भाई बाबा फतेह सिंह की साहस एवं वीरता को सम्मानित एवं याद करने के लिए वीर बाल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। निर्णायक के रूप में जिला संगठक प्रो0 एम0 सी0 हिमधर एवं अतिथि व्याख्याता डॉ0 रामयश पाल उपस्थित रहे। विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति, विषय वस्तु, भाषा शैली एवं समग्र प्रभाव के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान कु0 आशा राजवाड़े बी0 ए0 प्रथम सेमेस्टर एवं द्वितीय स्थान बिशु कुमार बी0 एससी0 तृतीय वर्ष एवं तीसरा स्थान कु0 संजना राजवाड़े बी0 ए0 अन्तिम वर्ष ने प्राप्त किया। इस अवसर पर विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेन्टो प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए डॉ0 रामयश पाल ने कहा कि- ये बाल महान् पुरूष जिनके शहादत दिवस में आज हम सभी उपस्थित हुए, और उन्हें याद कर रहे है, दरअसल ये हमारी धरोहर हैं जिनसे हम सदैव ऊर्जा लेते हैं, सीखते हैं और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते रहते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों में भागीदारी एवं उपस्थिति से भी सीखने का अवसर प्राप्त होता है। प्रो0. एम0 सी0 हिमधर ने कहा कि- आज का दिन हमें बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के असीम वीरता, साहस और बलिदान का याद दिलाता है। अपने धर्म की रक्षा के लिए जिस निडरता और अद्भूत साहस का परिचय दिया है वह सदैव अविस्मरणीय है। अंत में 02 मिनट का मौन रखकर दोनों वीर बाल सपुतों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। कार्यक्रम का संचालन स्वयं सेवक धनेश्वर ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम सहायक मो0 आरीफ ढेबर, स्वयं सेवक तौफिक खान, शशि कुमार, कृष्णा राजवाड़े, दुर्गा, दीपा, संजना, किरण, आशा, पूनम, साक्षी, विकास, मुकेश, दीपन दास, अभिषेक कुमार, आशीष कुमार, भूपेन्द्र प्रताप सिंह, अनुज कुमार राजवाड़े, आयुष साहू उपस्थित रहे।



