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बाल विवाह रोकने में शिक्षक निभाये अपनी महत्वपूर्ण भूमिका

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सूरजपुर-  कलेक्टर एस जयवर्धन के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी रमेश साहू के मार्गदर्शन में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर करने के लिए जिला प्रशासन एवं महिला एंव बाल विकास विभाग सक्रिय है। इसी कड़ी में प्रत्येक हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं हाई स्कूल के एक-एक शिक्षक एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शा. कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला सूरजपुर में आयोजित किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने कहा कि हमारे जिले में बाल विवाह ज्यादातर 9 वीं से लेकर 12वीं तक के बालिकाओं का बाल विवाह होते पाया गया है। इसलिए कलेक्टर के निर्देश पर जिले के प्रत्येक हार सेकेंडरी स्कूल एवं हाई स्कूल के एक-एक शिक्षक को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है। आप सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी अपने स्कूल के साथ-साथ आस पडोस के मिडील प्रायमरी के शिक्षको एवं अपने स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं को जागरूक करना है।

आप यह सुनिश्चित करें की आपके स्कूल के बच्चों का बाल विवाह न हो और न ही उनके उम्र के किसी बच्चें का विवाह उनके ग्राम में हो। सभी अपने उम्मर दायित्व का निर्वहन करेंगे तो अपना सूरजपुर बाल विवाह मुक्त जिला बहुत जल्दी बन पाएगा इसमें कोई संशय नही है आप सभी को अपने अध्यापकीय दायित्व के अतिरिक्त इस सामाजिक उत्तर दायित्व का भी निर्वहन करना चाहिए। सभी शिक्षको को बाल विवाह से होन वाले नुकसन के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया। यह भी बताया गया कि बाल विवाह एक अभिशाप ही नही बल्कि एक कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह करने वाले सहयोग करने वाले एवं सम्मिलित होने वाले सभी के लिए दण्ड के प्रावधान बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम 2006 में दिये गये हैं।

बाल विवाह हमारे जिले में पूर्णतः रूक जाये इसका प्रयास करना है। और यदि क्षेत्र मे कही भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है। तो 1098, 181,112 में फोन कर जानकारी दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त् संरपंच सचिव, पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी संबंधित थाने में जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यशाला में लिखित या फोन के माध्यम से की जा  सकती है। 

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जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने सभी शिक्षकों को अपना मोबाईल न. उपलब्ध कराया। सभी शिक्षको को बाल विवाह नही करने का शपथ दिलाया गया। कार्यशाला मे ओपन सेसन का अयोजन किया गया जिसमें शिक्षकों के द्वारा कुछ सुझाव दिये गये एवं इस हेतु अपना अभिमत भी दर्ज करया गया। सभी शिक्षको में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर छत्तीसगढ़ एवं बाल विवाह मुक्त भारत बनाने में अपना योगदान देने की बात कही।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने सभी को बाल विवाह रोकथाम को जन आन्दोलन बनाने और सूरजपुर में क्रांति लाने हेतु आहवाहन किया गया। कार्यक्रम मं जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने अतिरिक्त मिशन समन्वयक चाईल्डलाईन कार्तिक मजूमदार आउटरीच वर्कर वन धीवर उपस्थित थे।

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