जलजीवन मिशन में हो रहा जम कर भ्रष्टाचार ग्रामीण क्षेत्र में भोली भाली जनता अपने आप को कर रही ठगी महसूस

सतीश मिश्रा
एमसीबी/ भारत सरकार की तरफ से जनकल्याणकारी योजना जलजीवन मिशन योजना चलायी जा जा रही है लेकिन सही तरीके से इस योजना का क्रियान्वयन धरातल पर नही किया गया और ठेकेदारों एव अधिकारियों की सांठ गांठ से इस योजना में भारी भ्रष्टाचार किया गया,इस जल जीवन मिशन के नल जल योजना का मुख्य उद्देश्य घर घर तक साफ स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना था जिससे लोगो को उनके घर में शुद्ध पीने का पानी मिल सके लेकिन भ्रष्टाचार की चरम सीमा पार कर चुके ठेकेदार एवम विभागीय अधिकारी के कारण भोली भाली जनता नदियों नालो ढोंढ़ी का पानी पीने के लिये मजबूर हैं।

मिली जानकारी के अनुसार एमसीबी जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र विकासखण्ड भरतपुर के तहसील कोटडोल के ग्राम पंचायत मुर्किल में पंडो पारा में वहा के पंडो जनजती के लोग पीने के पानी के लिये आज भी नदी नालों पर निर्भर है जाहिर है की जैसा पांडो पारा कहां जाता है वहां पर राष्ट्रपति के पुत्र कहे जाने वाले पंडो जनजाति के लोग निवास करते हैं इनको तो राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है लेकिन इन दत्तक पुत्र को शासन की कोई भी सुविधा नहीं मिलती इसके लिए इनको आज भी तरसना पड़ता है बता दें कि ग्रामपंचायत मुर्कील में पंडो पारा में लगभग 30से 40 घरों की बस्ती है और वहा पर हैंड पम्प लगभग 4 माह से खराब है ग्रामीण के द्वरा पूछने पर की इसकी शिकायत सरपंच से किया क्या? तो बताया गया कि हमारी सरपंच बाउरी है जिस गांव की सरपंच इस तरह की है वहां का तो भगवान ही मालिक है!
वही बात करें ग्राम पंचायत ठिसकोली के आश्रित ग्राम मोगरा जो बीहड़ पहुँच विहीन जगह है वहा भी नल जल योजना का हाल बेहाल है वहा के वार्ड पंच सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कुछ हैंड पंप हैं लेकिन पानी कम दे रहे हैं और नलजल योजना से बोर तो करदिया गया है पाइप लाइन बिछा दिया गया है लेकिन न टँकी बनी है और नहीं सप्लाई की जारही है जाहिर सी बात है कि जब टंकी नही बनी तो पानी सप्लाई कहा से होगी वैसे देखा जाय तो नलजल योजना में जम कर बंदरबाट भी किया गया है विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदार के साथ मिल कर जेब भरा गया है और शासन के पैसा का जमकर दुरुपयोग किया गया है ग्राम पंचायत ठिसकोली के आश्रित ग्राम मोगरा में भी वहाँ के ग्रामीणों को नदी नाले का गंदा पानी पीना पड़ रहा है जबकि अभी बरसात का मौसम चल रहा है और नदी नाले का पानी प्रदूशित रहता है जिससे मौसमी बीमारी डायरिया,मलेरिया डेंगू जैसे प्राण घातक बीमारी होने का खतरा बना रहता है अगर वहां कोई बीमार पड़ जाय तो वहाँ पर 108 एंबुलेंस जैसी सुविधा नही पहुच सकती है जिससे बीमार वही अपना दम तोड़ देगा।
जब हमने पी.एच.ई.एस.डी.ओ.से जलजीवन मिशन योजना के प्रगति के बारे में जानना चाहा तो उनके द्वारा गोलमाल जवाब देते हुए बोला गया कि काम प्रगति पर है औऱ अभी रोपाई का सीजन चल रहा है ठेकेदार को लेवर नहीं मिल रहे हम उनको बोलेंगे और हैंड पंप को टीम भेज कर सुधरवाने को कहा गया वहीं जब हमने जनकपुर मुख्यालय में जलजीवन मिशन योजना के तहत पानी टंकी तो बना दी गयी है लेकिन अभी भी पानी की सप्लाई पुरानी टंकी से की जारही है जो पुरानी टँकी लीकेज के अलावा डिसमेन्टल के कगार पर है जब मुख्यलय जनकपुर के जलजीवन मिशन के बारे में बात की तो अपना पल्ला झाड़ते हुए उनके द्वारा बोला गया कि मैं ग्रामीण क्षेत्र132 गांव देखता हूँ शहरी क्षेत्र सी.एम.ओ.की जुम्मेवारी है उनको देखना चाहिए जबकि अभी तक नगरपंचायत को विभाग द्वारा हैंडओवर नहीं किया गया है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इसके लिये द पी एच ई एस डी ओ से पूर्व में भी अवगत एक माह पहले करा दिया गया तब उनके द्वारा बोला गया की मेरे पास अभी इतनी व्यवस्था नहीं है आप ई ई साहब से बात कर लें और जब ई ई साहब से बात की गई उनके द्वारा कहा गया की मैं ठेकेदार से बात कर तत्काल करवाता हूं लेकिन विभागीय जुम्मेवार अधिकारियों कि सुस्त रवैया से केंद्र सरकार की जनकल्याण कारी योजना का बंटाधार हो गया है।
अब देखना होगा की यह जनकल्याणकारी जल जीवन मिशन योजना कहा तक फलीभूत होती है और इसका लाभ कब तक मिलेगा या फिर निराशा ही हाथ लगेगी। और ग्रामीण पानी को तरसते रहेंगे। अभी कुछ दिन पूर्व ही राज्य 06 ईई पीएचई पर राज्य शासन द्वारा निलंबन की गाज गिराई गई है और एमसीबी को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है फिर भी यही हाल है आगे देखना है मुर्कील, अख्तावार, मोगरा,आदि स्थानों पर जल जीवन मिशन की खराब टंकी, खराब मोटर, फटे पाइप कब तक सुधरते है और ग्रामीणों को पीने का स्वच्छ पानी कब मिलता है ग्रामीण आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने को तैयार है।



