रक्षाबंधन में रेशम की डोरी : राखी – मिष्टान्न अन्य सामग्री का जनहित संघ ने किया वितरण
विशेष पिछड़ी जनजाति,वनांचल के अति निर्धन सहित अन्य को किया गया प्रदत्त

एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर/ ‘बहना ने भाई के कलाई में प्यार बांधा है प्यार के दो तार से संसार बांधा है रेशम की डोरी से संसार बांधा है’ प्रसिद्ध गीतकार इंदीवर ने क्या खूब लिखा है। रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम, वात्सल्य स्नेह का पर्व है। पर्व बहनों को सुरक्षित करता है बड़े भाई के वरद हस्त से तो छोटे को दायित्व बोध से।
आपको बता दें आज भी कई वर्ग ऐसे है जो यह पर्व मानना चाहते है लेकिन महंगाई के इस दौर में चाहकर भी बीहड़,जंगल, सुदूर वनांचल,के जनजाति वर्ग इस हर्ष और उल्लास के पर्व से अछूते रह जाते है।

इसी को मद्देनजर रखते हुए जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के द्वारा जिला एमसीबी के वनांचल क्षेत्र विशेष पिछड़ी जनजाति सहित अन्य सभी वर्ग को भी सप्रेम रेशम की डोरी (राखी), मिष्टान्न,नमकीन आदि का वितरण किया गया।

जिसे ग्रामीणों ने खूब सराहा। ग्रामीणों के अनुसार जनहित संघ का यह बहुत ही सराहनीय कार्य रहा इसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।

जनकपुर विकासखण्ड के बहरासी, बरेल, मंटोलिया,धोवताल,जनकपुर, माड़ीसरई, हरचौका,सीतामढ़ी, लडकोड़ा, जमथान, कंजिया,भगवानपुर,अख्तवार, पोंडी डोल, घाघरा, ठीसकोली, कमर्जी, कोटाडोल आदि क्षेत्र में जनहित संघ के पदाधिकारियों ने विशेष पिछड़ी जनजाति अति गरीब वर्ग सहित अन्य वर्गों में वितरण किया।

ऐसे ही कोरिया जिले के गिरिजापुर, टेगनी,भांडी,जनकपुर, महलपारा,मंडल पारा,सरई गहना, रोबो,पीपर ढाब,पण्डो पारा आदि ग्राम में विशेष निर्धन वर्ग को चिन्हांकित करते हुए वितरण किया गया साथ में अन्य को भी प्रदाय किया गया।

हमारा प्रयास जरूरतमंद वर्ग को त्योहार में मिले मुस्कान: एस. के रूप

जनहित संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष संवर्त कुमार रूप ने कहा कि जनहित संघ विगत 48 वर्ष से निः स्वार्थ जनसेवा की मिसाल है। महान जननायक स्व श्री रूद्र प्रसाद रूप जी के मार्ग का अनुसरण करते हुए हम आगे बढ़ रहे है। रेशम की डोरी राखी,मिष्टान्न वितरण का यह हमारा प्रयास सफल हुआ निर्धन मायूस ग्रामीणों के चेहरे में मुस्कान खिली हम यही तो चाहते थे। जनहित संघ ने जनहित में कई बड़े कार्यों का निष्पादन किया है आगे भी जनसेवा जारी रहेगी।

राखी मिष्टान्न वितरण जनहित संघ के केंद्रीय अध्यक्ष दुष्यंत कुमार के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय उपाध्यक्ष एस के रूप के निर्देशन में हुआ जिसमे नंदलाल पण्डो, जितेंद्र बैगा, रामावतार कुशवाहा, रामशरण पण्डो, सतीश मिश्रा, सोनसाय पण्डो, रामकृपाल प्रजापति, गणेश तिवारी,निखिल बैगा,बृजलाल पण्डो, कुंवर सिंह, सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण का विशेष योगदान रहा।

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार,किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार,किसी के वासते हो तेरे दिल में प्यार,जीना इसी का नाम है…!
रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।



