मां भारती के प्रति कर्तव्यबोध,राष्ट्रीय भावना,युवा उत्कर्ष और हिंदुत्व पर केंद्रित हिंदू सम्मेलन हर्षोल्लास के साथ संपन्न

एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर–कोरिया/ हिन्दुवः सोदराः सर्वे, न हिंदू पतितो भवेत् । मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मंत्रः समानता ।।
” सभी हिंदू भाई-भाई है, कोई भी हिंदू पतित नहीं है। हिंदुओं की रक्षा ही मेरी दीक्षा है, समानता ही मेरा मंत्र है।” उक्ताशय के विचार बीते सोमवार 08 दिसंबर को हिंदू सम्मेलन कचहरीपारा बस्ती,बैकुंठपुर अभ्यास शाला के प्रांगण में मंचस्थ कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के सह क्षेत्र प्रचारक मध्य क्षेत्र केंद्र जबलपुर प्रेमशंकर सिदार ने व्यक्त किए।

आपको बता दें स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष 2025 में है, जिसकी शुरुआत 27 सितंबर 1925 को हुई थी। इस अवसर को मनाने के लिए, संघ पूरे वर्ष में हजारों कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को जोड़ना, युवाओं को शामिल करना और राष्ट्र के लिए आत्म-समर्पण की भावना को मजबूत करना है।

मुख्य वक्ता ने कहा कि सनातनी भारत माता को परमवैभय के शिखर पर ले जाने के उद्देश्य से समग्र हिन्दू समाज को संगठित करते हैं। संगठित हिन्दू शक्ति का जागरण समाज में नयी ऊर्जा, चेतना एवं आध्यात्मिक शक्ति का जागरण करता है,समग्र हिन्दू समाज के लिये एक स्थान पर एकत्र होने का एवं राम राज्य के स्थापना के संकल्प की सिद्धी करने का उत्सव हिन्दू सम्मेलन 2025 के रूप में हम मनाने जा रहे हैं हम सब एक जुट होकर समाज की एकता सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा समग्र विकास की दिशा में हिंदू होने के नाते कदम बढ़ाये, उक्त संम्मेलन में पूर्ण मनोयोग से सपरिवार सहभागी बने।

इस पुण्य अवसर पर संत, महात्मा, समाज प्रमुखो एवं समाज प्रबुद्ध जनों का सानिध्य हम सभी को प्राप्त होता हुआ।

हम सभी को माता मातृभूमि और परिवार समाज के सही और सार्थक रूप की परिकल्पना करनी होगी ताकि भविष्य संस्कृति और सभ्यता के साथ सुरक्षित और गौरवकारी हो। मुख्य वक्ता द्वारा सौ वर्ष की संघ यात्रा गाथा पर अपने विचार व्यक्त किए गए।

सम्मेलन में कचहरी पारा बस्ती से ही महिलाओं और संघ के पंच परिवर्तन पर महिला वक्ता श्रीमती मंजू जिवनानी ने सामाजिक समरसता,पर्यावरण संरक्षण,कुटुंब प्रबोधन, स्व आधारित जीवन एवम नागरिक कर्तव्य बोध पर विस्तार से प्रबोधन दिया।सम्मेलन में कार्यक्रम संयोजक संवर्त कुमार ने हिदुत्व, मातृ शक्ति,समाज,परिवार,नैतिक दायित्व,राष्ट्रीय भावना और मनुष्यता पर अपने विचार प्रगट किए उपस्थित जनता ने एकस्वर में उक्त तथ्यों का समर्थन करते हुए अन्य को भी जागृत करने की बात कही।

सम्मेलन में ब्राह्मण,अग्रहरि,क्षत्रिय,आदिवासी,मांझी, बंग समाज,जायसवाल, कश्यप कहार, जैन सहित उपस्थित कहचहरी पारा बस्ती अंतर्गत सभी समाज के प्रमुख और सामाजिक व्यक्तित्व को आयोजन समिति के सदस्य अरविंद पांडेय कवि महराज एवम वाल्मीकि दुबे ने शाल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रम का दौर बीच – बीच में आकर्षण बढ़ाने का काम किया जिसमे सुर्वे संगीत अकादमी के तरफ से शुभांगी सुर्वे पिता शुभांक सुर्वे ने गुरुर ब्रम्हा गुरुर विष्णु,एकदंताय वक्रतुंडाय में भाव विभोर करने वाली मधुर प्रस्तुति दी। आदर्श और समूह के द्वारा सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव पर नाटक प्रस्तुत किया गया जिसको सभी ने सराहा। तत्पश्चात मानवी, आराध्या और अन्य बच्चो में अपने नृत्य,गीत और कविता की प्रस्तुति दी। श्रीमती पांडेय ने इतनी शक्ति हमें देना दाता गीत की प्रस्तुति देकर सही को भाव विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में मंच संचालन सह आभार प्रदर्शन संयोजक संवर्त कुमार रूप ने किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के पदाधिकारी,संघ के पदाधिकारी,कचहरीपारा बस्ती के भाई बंधू, बहनों माताओं का का सहयोग और उपस्थिति रही।



