बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में सनातनी उतरे सड़क पर
राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

बैकुंठपुर/ बांग्लादेश में रह रहे हिन्दूओं का लगातार उत्पीड़न हो रहा है हिन्दू संतों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उनके पूजा स्थल, मंदिर आदि पर वहां के कट्टरपंथी निरंतर हमले कर रहे हैँ. इसी क्रम में इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास को आतंकवादी की तरह व्यवहार करते हुए उन्हें जेल में डाल दिया गया है. उनके साथ अमानवीय बर्बरता की गई है. विगत कुछ समय से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार में हिन्दुओं के घरों में में तोड़फोड़, आगजनी के साथ ही
उनके परिजनों पर हमले व मातृशक्ति के साथ दुराचार की घटनाएं लगातार बढ़ी हैँ. यहाँ तक की हिन्दू नाम रखने वालों के साथ मारपीट व उनके व्यवसाय पर हमले हो रहे हैँ. उनके पूजा स्थलों को अपवित्र किया जा रहा है. इन घटनाक्रमों से भारत समेत सम्पूर्ण विश्व में रह रहे हिन्दूओं में आक्रोश व्याप्त है. वहीं तथाकथित अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन जैसे आंख बंद किए हैँ, उनका मौन ऐसे संगठनों की भूमिका को सन्देहास्पद सिद्ध करता है यह कहना है हिंदू रक्षा मंच ।

विदित हो कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में हो रहे इस अमानवीय घटनाक्रम के विरुद्ध देशभर में हिन्दू समाज ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन एवं रैली करते हुए इस विषय को स्थानीय प्रशासन के माध्यम से संज्ञान में लाकर केंद्र सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।इसी क्रम में जिले में हिन्दू समाज द्वारा 3 दिसंबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रदर्शित करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपतिके नाम ज्ञापन सौंपा गया। स्थानीय प्रेमाबाग शिवमन्दिर प्रांगण से विरोध रैली हिंदू रक्षा मंच के तत्वाधान में निकाली गई जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कुमार चौक में संपन्न हुई यहां आमसभा का आयोजन किया गया जिसमे सभी हिंदू धर्माविलंबी और सनातन प्रेमियों ने भाग लिया और एक स्वर में बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओ पर अत्याचार आतंक और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई।



