छत्तीसगढ़

मुर्गी फार्म में बन रहा डोंगरगढ़ मंदिर का प्रसाद, मंदिर ट्रस्ट ने दी ये जानकारी….

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डोंगरगढ़ / तिरुपति बालाजी मंदिर के श्री प्रसाद से जुड़े विवाद के बाद छत्तीसगढ़ में भी शासन और खाद्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। राज्यभर के प्रमुख मंदिरों में वितरित किए जा रहे प्रसाद की जांच शुरू हो गई है। इसी क्रम में राजनांदगांव जिले के सुप्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ में भी खाद्य विभाग ने कार्रवाई की है।

खाद्य विभाग की टीम ने डोंगरगढ़ से 5 किलोमीटर दूर ग्राम राका स्थित इलायची दाना निर्माण उद्योग पर छापा मारा और वहां से नमूने परीक्षण के लिए ले गए। यह कदम प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया, क्योंकि मंदिरों में बंटने वाले प्रसाद को लेकर कई जगहों पर अफवाहें फैल रही थीं।

मंदिर ट्रस्ट ने भ्रामक जानकारियों का किया खंडन
सोशल मीडिया पर प्रसाद को लेकर फैल रही भ्रामक जानकारियों का मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति ने कड़ा खंडन किया। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर का भोग प्रसाद मंदिर समिति द्वारा ही तैयार किया जाता है और दर्शनार्थियों द्वारा लाया गया प्रसाद वितरित किया जाता है। नवरात्र के समय इस तरह की अफवाहें फैलाने को ट्रस्ट ने गलत बताया।

उद्योग मालिक का बयान

राका स्थित इलायची दाना निर्माण उद्योग के मालिक मजहर खान ने स्पष्ट किया कि उनका व्यवसाय 1985-86 से चल रहा है और इसमें केवल शक्कर की चासनी का उपयोग किया जाता है, किसी भी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उत्पाद मंदिर के लिए नहीं जाता, बल्कि इसे स्थानीय बाजार में बेचा जाता है। खान ने अपने उद्योग से जुड़ी भ्रामक जानकारियों को सिरे से खारिज कर दिया और बताया कि उनके उद्योग को खाद्य विभाग से लाइसेंस भी प्राप्त है।

खाद्य विभाग का बयान
खाद्य विभाग के अधिकारी डोमेंद्र ध्रुव ने बताया कि नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, और प्रारंभिक जांच में तैयार माल पर तिथि व बैच नंबर अंकित नहीं पाया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किसी प्रकार की मिलावट हुई है या नहीं।

इस पूरे मामले में प्रशासन की कड़ी निगरानी बनी हुई है और जांच के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।

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