आयुर्वेद को जन जन तक ले जाना ही हमारा कर्तव्य: अरुण शुक्ला
प्रधानमंत्री के निजी सलाकार के बुलावे पर पुनः जा रहे राजधानी दिल्ली

छत्तीसगढ़ रत्न श्री शुक्ला देश की राजधानी में दिल्ली में महामहिम उपराष्ट्रपति को दे चुके है आयुर्वेद, नाडी चिकित्सा पद्धति के टिप्स
एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर/ छत्तीसगढ़ शासन कोरिया वनमंडल द्वारा संचालित वन औषधालय एवं संजीवनी जड़ी बूटी, क्रय विक्रय केंद्र बस स्टैंड बैकुंठपुर में पदस्थ वैद्य अरुण शुक्ला 2600 /प्रति माह के वेतन में 2001 से लेकर 2025 तक लगभग 25 वर्षों से सभी वर्ग का आयुर्वेदिक इलाज करते हुए तंदुरुस्त कर रहे है। उनके द्वारा गरीब से गरीब, अमीर से अमीर लगभग एक लाख से अधिक मरीजों को अपने अनुभव से लाभान्वित करते हुए सुदूर वनांचल क्षेत्र जनकपुर से देश की राजधानी नई दिल्ली तक, एक गरीब परिवार से लेकर इस देश की सर्वोच्च पद महामहिम उपराष्ट्रपति तक लोगों को लाभान्वित करने का कार्य किया गया है।

साथ ही राज्य के कई मंत्रियों से लेकर तीन राज्य के राज्यपालों एवं केंद्रीय सचिव तक अपने अनुभव से लाभान्वित किया है।

बात चीत के दौरान उन्होंने बताया कि ‘कोरिया जिले की जड़ी बूटी का नाम रोशन करते हुए अब एक रजिस्टर्ड आयुर्वेदिक कंपनी आंचल हर्बल प्राइवेट लिमिटेड डूमरकोली जनकपुर भांडी बैकुंठपुर में स्थापना कर लोगों को जंगल की ताजी वन औषधियां से निर्मित आर्क,चूर्ण,अचार मुरब्बा व अन्य खाद्य उत्पादन को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने का प्रयास हमारे द्वारा किया जा रहा है उन्होंने आगे बताया कि वे 8 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री जी के निजी सलाहकार का इलाज करने दिल्ली जा रहे हैं।



