छत्तीसगढ़संपादकीयसरगुजा संभाग

शाही पनीर बनाने के बहाने घर बुलाया और करने लगा जबरदस्ती विरोध करने पर महिला को जमीन में पटका,अभी तक गिरफ्तारी नहीं,महिला और परिजनों को मिल रही है धमकी

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एमसीबी/ पडोसी महिला को घर बुलाकर जबरन रंग डालने का विरोध करने पर मारपीट करके चोंट पहुंचाने वाले आरोपी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं करने से अब पीड़ित महिला और उसके परिवार को आरोपी द्वारा जान से मारने व गांव से भगा देने की धमकी दी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम घुघरी के बड़वाही पारा निवासी पीड़िता आरती गुप्ता ने होली पर्व के दूसरे दिन 15 मार्च 2025 को पुलिस थाना जनकपुर में उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताई कि मैं ग्राम घुघरी के बड़वाही पारा में स्थित अपने घर में परिवार व बच्चो के साथ रहती हूं, घर गृहस्थी का काम करती हूं। होली पर्व के दूसरे दिन दिनांक 15/03/2025 को दोपहर करीब 01:00 बजे मैं अपने घर में सिलाई का कार्य कर रही थी। मेरे पति दूसरे रूम में पोताई का कार्य कर रहे थे। उसी समय पडोसी बिजेन्द्र उपाध्याय मेरे मोबाईल में काल करके शाही पनीर बनाने में सहयोग करने के लिए अपने घर में धोखे से बुलाया। मैं फोन काटने के बाद बिजेन्द्र उपाध्याय के घर चली गई। जैसे ही में बिजेन्द्र उपाध्याय के घर के अंदर प्रवेश की तभी बिजेन्द्र उपाध्याय मेरे दोनो हांथ को पीछे से पकड लिया और अपने पत्नी प्रीति उपाध्याय को आवाज देकर रंग लाने के लिए कहा, इतने में उसकी पत्नी प्रीति बाल्टी में घुला हुआ रंग लेकर दौडते हुए आई और बाल्टी का रंग मेरे ऊपर डालकर भीगा दी, इसके बाद प्रीति वहां से चली गई। तब बिजेन्द्र उपाध्याय मुझे बोला कि बुरा ना मानो होली है यह कहकर स्वयं मेरे ऊपर रंग लगाने के लिए कोशिश करने लगा। तब मैं बिरोध करने लगी तो बिजेन्द्र उपाध्याय भड़क गया और मुझे गंदी गंदी अश्लील गाली देते हुए उठाकर जमीन में पटक दिया और जान से मारने की धमकी देकर पीठ में हांथ मुक्का से मारपीट किया। मैं किसी तरह से बचकर घर के बाहर निकली और हल्ला की तो मेरे पति आकर बीच बचाव किये है। बिजेंद्र उपाध्याय द्वारा मारपीट करने से मेरे पीठ में, कमर में, हांथ में, गले में चोट लगा है। घटना को नुरुद्दीन अंसारी और मेरे पति दीपक गुप्ता देखे व सुने है एवं बीच बचाव किये है। पीड़िता की रिपोर्ट पर जनकपुर पुलिस ने आरोपी बिजेंद्र उपाध्याय के बिरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 की धारा 296, 351(2),115(2) के तहत अपराध दर्ज कर लिया पर आरोपी की गिरफ़्तारी नहीं होने से पीड़िता व परिवार को धमकी मिल रही है।

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