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विधवा भाभी को हवश का शिकार बनाने वाले दुराचारी देवर को 10 साल की कैद

विधवा भाभी को हवश का शिकार बनाने वाले दुराचारी देवर को 10 साल की कैद

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विधवा भाभी को हवश का शिकार बनाने वाले दुराचारी देवर को 10 साल की कैद

– जिला जज ने सुनाया निर्णय

चित्रकूट। भाई की मौत के बाद विधवा भाभी से दुराचार करने के आरोपी देवर को जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11 हजार रूपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुन्दर मिश्रा ने बताया कि दुराचार के मामले में पीडिता द्वारा बीती 18 अक्टूबर 2022 को भरतकूप थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीडिता के अनुसार उसके शादी घटना के 8 साल पहले हुई थी। शादी के बाद उनके एक बेटा भी हुआ था। मार्च 2021 में सड़क हादसे में उसके पति की मौत हो गई। इसके लगभग 6 माह बाद उसका देवर घर में अकेले जानकर शराब के नशे में आया और जबरन बलात्कार किया। इसकी शिकायत उसने सास-ससुर से की, किन्तु उन्होंने घर की बात होने का हवाला देकर बात को दबा दिया। इसके चलते उसने शिकायत नहीं की, किन्तु इसके बाद दूसरे दिन फिर से उसके साथ देवर ने बलात्कार किया। इस पर उसने परिवारीजनों और पडोसियों को जानकारी देने के साथ इलाकाई पुलिस के पास दिवयापुर जाकर भी सूचित किया, किन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर घर आने पर देवर ने उसे घर से निकाल दिया। यहां से वह अपने चचिया ससुर के घर और फोन से पूरे मामले की जानकारी अपनी मां का दी। जिसके बाद उसकी मां उसे मायके ले आई। यहां भी 16 जुलाई 2022 को उसका देवर दोपहर के समय ससुराल ले जाने के नाम पर आया और उसे अकेले पाकर जबरन बलात्कार किया। साथ ही शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी सूचना उसने भरतकूप थाने में दी, किन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके चलते उसने न्यायालय में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर न्यायालय द्वारा अभियोग पंजीकृत कर विवेचना किए जाने के आदेश दिए गए। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर पीडिता का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने सोमवार को निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 10 वर्ष सश्रम कारावास के साथ 11 हजार रूपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

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