शासकीय रामानुज प्रताप सिंह देव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मनाया गया एनसीसी दिवस
वरिष्ठ पूर्व एनसीसी अधिकारी आर.पी.सिंह एवं जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता रहे मौजूद

अनुशासन धैर्य व लगन के साथ लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है : यू. एस. शुक्ला
एनसीसी अनुशासन, एकता व देश प्रेम का दूसरा नाम : संजीव जायसवाल
एस.के.‘रूप’
बैकुंठपुर/ शहर के ऐतिहासिक विद्यालय शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाई स्कूल के मिनी स्टेडियम में शनिवार 23 नवंबर को एनसीसी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम एनसीसी का ध्वजरोहण मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता के द्वारा किया गया। तत्पश्चात मंचस्थ अतिथियों ने भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण व पूजन किया।

कार्यक्रम में एनसीसी के कैडेट्स ने ‘ताकत वतन की हमसे है’ गीत पर मधुर प्रस्तुति देकर देशभक्ति का जज्बा जगा दिया।अगले क्रम में कैडेट्स ने मार्च पास्ट की प्रस्तुति दी वही आपातकाल की स्थिति से निपटने कैसे सजग रहना है इसके लिए यूनिफॉर्म को कम समय में धारण करने का गुर प्रदर्शित किया।

एनसीसी दिवस के अवसर पर सभी कैडेट्स को स्मृति चिन्ह व मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया वहीं मनचस्थ अतिथियों को पुष्पगुच्छ स्मृति चिन्ह भेंट कर विद्यालय के प्राचार्य कृपा कल्याणी टोप्पो ने सम्मानित किया कैडेट्स एवं छात्रों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने रामचरितमानस के दोहे का उदाहरण देकर बच्चों को अनुशासन व पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने कहा
इस अवसर पर विद्यालय में सन 60 के दशक के शिक्षक व एनसीसी अधिकारी 90 वर्षीय आरपी सिंह मौजूद रहे जिन्होंने छात्रों को जीवन में उत्कर्ष प्राप्त करने के लिए कई सूत्र बताएं वही अपने पुराने दिनों व विद्यालय से जुड़ी यादों को ताज किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षक गीता प्रसाद नेमा ने अपनी सुमधुर आवाज में एनसीसी पर स्वरचित गीत की प्रस्तुति दी एवं गीत को एनसीसी अधिकारी संजीव जायसवाल को भेंट किया।विद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं एनसीसी अधिकारी यू एस शुक्ला ने विद्यालय के उपलब्धियां पर प्रकाश डालते हुए अनुशासन धैर्य व लगन के साथ लक्ष्य प्राप्त करने की बात कही।

नपा अध्यक्ष आशीष यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा गौरव है यह विद्यालय, जिसमें हम सब पढ़े हैं। उन्होंने एनसीसी अधिकारी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बच्चों को एनसीसी के माध्यम से देश सेवा के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के पूर्व विद्यार्थी एवं सम्यक क्रांति के सूरजपुर संस्करण के संपादक, प्रेस क्लब कोरिया महासचिव,साहित्यकार संवर्त कुमार रूप ने कहा कि यह विद्यालय अपने में एक इतिहास है जिसने देश को मिड डे मील दिया है यहां हिंदी के प्रकांड विद्वान रामचंद्र शुक्ल आ चुके हैं वहीं उनके पुत्र हेड मास्टर रह चुके हैं। विद्यार्थी को अपने परिवार समाज में अनुशासित रहना प्रथम कर्तव्य है, विद्यालय में शिक्षकों को ही देखकर उनके जीवन से अनुशासन सीखा जा सकता है उन्होंने पुनर्जागरणकाल, नेपोलियन बोनापार्ट,अल्बर्ट आइंस्टीन, सिकंदर, चाणक्य व चंद्रगुप्त के साथ स्वामी विवेकानंद के जीवन उच्चतर मूल्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को जागृत किया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स के नृत्य प्रस्तुति के लिए डाली तिवारी कोरियोग्राफर को सम्मानित किया गया। एनसीसी अधिकारी संजीव जायसवाल ने एनसीसी की स्थापना मूल उद्देश्य वर्तमान स्थिति व उपलब्धियों पर व्यापक प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन विद्यालय की प्राचार्य कृपा कल्याणी टोप्पो ने किया कार्यक्रम का सुव्यवस्थित व सफल संचालन विद्यालय के शिक्षक एवं साहित्यकार ताहिर आज़मी ने किया। इस अवसर पर आर. पी,सिंह, यू.एस.शुक्ला,आशीष यादव,गीता प्रसाद नेमा,माधव अग्रवाल,सुनील सिंह,उत्पल दत्ता,विनय मोहन भट्ट, संवर्त कुमार रूप, प्रविंद्र सिंह, डाली तिवारी, राजीव जायसवाल, प्रभात मिश्रा, नजमा खातून, मधु त्रिपाठी, वाय.के. मिश्रा,विश्वजीत मित्रा,आर. पी.शुक्ला, रत्ना पटेल, साजिदा खातून, कल्पना सर्वे, अमिता शर्मा, विमल कुमार ,ममता ओझा,अनुराधा जायसवाल, रीता गुप्ता, विक्रम उमेश कुमार, निर्मल सोनी, इंद्रजीत सिंह सहित विद्यालय के छात्रगण व एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।



