
रायपुर/ छत्तीसगढ़ राष्ट्रभाषा के प्रांतीय अध्यक्ष गिरीश पंकज को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से सम्मानित किया गया। यह सम्मान न्यास के संपादक डॉ ललित किशोर मंडोर ने प्रदत्त किया।

पंकज ईटानगर के दोईमुख में स्थित राजीव गांधी विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय नवसाक्षर लेखन कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित थे। उन्होंने वहाँ अपनी सकारात्मक भूमिका निभाई।

इस कार्यशाला में अरुणाचल प्रदेश के पंद्रह हिंदी रचनाकारों ने नव साक्षरों के लिए कहानियाँ लिखीं, जिसे विषय विशेषज्ञ के रूप में गिरीश पंकज ने ध्यान से देखा और महत्वपूर्ण संपादन किया। लेखन के लिए कुछ नए विषय भी सुझाए। अपने अनुभव साझा करते हुए श्री पंकज ने बताया की अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर का एक ऐसा राज्य है, जहां हिंदी बहुतायत में बोली जाती है। वहां लगभग सभी लोग हिंदी समझते और हिंदी बोलते हैं इसीलिए नवसाक्षरों के लिए लिखी गई कहानी जब ईटानगर के पास स्थित गांव मिदपू में वहां के स्कूली बच्चों के बीच पढ़ी गई तो सभी ने कहानियों को बड़े ध्यान से न केवल सुना वरन उसके बारे में विस्तार से चर्चा की और कहानियों की में अगर कहीं कोई कमी दिखाई दी तो उस पर भी प्रकाश डाला। कार्यशाला में उद्घाटन अवसर पर न्यास के प्रधान संपादक और संयुक्त निदेशक कुमार विक्रम विशेष रूप से उपस्थित हुए। राजीव गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री साहू और हिंदी विभागध्यक्ष ने कार्यशाला की भूरि भूरि प्रशंसा की।समन्वयक के रूप में हिंदी प्राध्यापक डॉ ओकेन तीन दिन तक लगातार कार्यशाला में सक्रिय रहे। उन्होंने भी एक कहानी लिखी। कार्यशाला में न्यास के सहायक संपादक डॉ उमेश चंद्र की भूमिका भी उल्लेखनीय रही।



