स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के प्राचार्य पर अभिभावकों के साथ अभद्र अमर्यादित व्यवहार एवम प्रवेश देने के नाम पर मनमानी रुपयों की वसूली को लेकर शिकायत …कारण बताओ नोटिस जारी

एस. के.‘रूप’
चरचा –कोरिया/ स्वामी आत्मानंद विद्यालय पूर्ववर्ती सरकार की महती योजना रही।वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस योजना को यथावत जारी रखा। स्वामी आत्मानंद विद्यालय शिक्षा के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं अभिभावकों का रुझान स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के प्रति बढ़ा है जिसका खामियाजा निजी विद्यालयों को भी भोगना पड़ा है छत्तीसगढ़ प्रदेश में कई जिलों में यही देखा गया है कि पालकों के रुझान के कारण ही शिक्षकों द्वारा सांठ गांठ करके विद्यार्थियों को अपने चाहतों को बिना किसी पारदर्शिता के, ना तो लॉटरी प्रक्रिया के दाखिला दे दिया जाता है। कई जिलों में यह भी मामला देखने में आया है कि सीटों का निर्धारण पहले कर लिया जाता है अपने पहचान वालों ,पैसा देने वालों और संरक्षित लोगों हेतु सीट का निर्धारण करके अन्य बचे सीट पर पारदर्शी प्रक्रिया करके निपटा दिया जाता है।
कभी-कभी यह भी आरोप लगा है कि जिनके लॉटरी में चयन हुआ है अगर वह विद्यार्थी अन्य विद्यालयों में भी फार्म भरा है और किसी विशेष विद्यालय में जहां उसने फॉर्म भरा है दाखिला नहीं लेता है तो उस खाली सीट पर भी मनमाने ढंग से दाखिला दे दिया जाता है और प्रश्न करने पर अभिभावकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है हाल ही में एक ताजा मामला सामने आया जब कोयला नगरी चरचा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में एक अभिभावक के साथ भी यही हुआ अभिभावक ने इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी को की जिसमें उल्लेखित किया कि “विद्यालय में प्रवेश के नाम पर मनमाने ढंग से अवैध वसूली की जा रही है, जो पैसे नहीं देते हैं उन्हें कहा जाता है की सीट फुल हो गई है वापस जाइए प्राचार्य का यह कृत्य अत्यंत निंदनीय है। इसके अतिरिक्त, जब कोई आम नागरिक अपने दस्तावेज सत्यापित कराने हेतु विद्यालय में जाता है, तो उसे भी अपमानित कर वहाँ से भगा दिया जाता है। प्राचार्य द्वारा किया जा रहा यह व्यवहार न केवल विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बाधक है, बल्कि विद्यालय की सामाजिक प्रतिष्ठा एवं शैक्षणिक छवि को भी धूमिल कर रहा है। सरकारी योजना के तहत संचालित यह विद्यालय शासन की मंशा के अनुरूप नहीं चल रहा है।जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व विद्यालय प्रमुख श्री विजेन्द्र मानिकपुरी पर है।अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उपरोक्त सभी बातों को संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करेंगे।”
जिले के संवेदनशील जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित संज्ञान में लिया और संबंधित स्कूल के प्रधान पाठक के विरुद्ध कारण बताओं नोटिस जारी किया है।



