कांवड़ियों पर फूलों की बौझार करते रहे शहीद,एकता के बने मिसाल
अस्पताल में लोगो को दिन रात सेवा देना हो या कोई भी सामाजिक कार्य सदैव तत्पर रहते है शाहिद अशरफी

एस. के.‘रूप’
कोरिया/ “जात पात पूछे नही कोई हरी को भेजे सो हरी का होई” उक्त महान दोहे को चरितार्थ किया है छत्तीसगढ़ प्रदेश के कोरिया जिले अंतर्गत मुख्यालय बैकुंठपुर शहर निवासी शहीद अशरफी ने।

सावन के तीसरे सोमवार का समय था। कावड़ियों का जत्था द्वारा हर हर महादेव बोल बम और भगवान शिव के जयकारे से आसमान गुंजायमान हो रहा था। सावन के रिमझिम फुहारों के बीच कुर्ता पायजामा में एक नौजवान गुलाब के पंखुड़ियों की बारिश कर रहा था यह कोई और नहीं शहीद अशरफी थे।

देवरहा बाबा सेवा समिति के तत्वाधान में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रेमाबाग शिवमंदिर से छुरीगढ धाम तक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जिसमें बच्चे बूढ़े जवान महिलाएं सहित आस पास के ग्रामीणों का विशेष हुजूम दिखा। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी इस यात्रा में शामिल रहे।इसी बीच एकता की मिसाल कायम करने वाले शहीद अशरफी ने सभी कावड़ियों के ऊपर फूलों की बौछार करते हुए सभी का उत्साह वर्धन किया। शहीद के ऐसे स्वागत करने पर लोग भाव विभोर हुए और जनमानस के बीच एकता का संदेश गया। इनके द्वारा विधायक प्रतिनिधि के तौर पर जिला अस्पताल में भी सेवा दी गई है रात हो या दिन अशरफी लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रहे है।



