सरगुजा संभाग

आदिवासी महिला नेत्री के पक्ष में उच्च न्यायालय बिलासपुर का आदेश

मूल स्थान गृह ग्राम से नाम हटाने को लेकर लगाई गई थी याचिका

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जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति की प्रदेश अध्यक्ष व महिला प्रमुख, आप की वरिष्ठ नेता सुखमंती सिंह को ग्रामीणों ने दी बधाई

एस. के.‘रूप’

भरतपुर–एमसीबी/ वनांचल जनकपुर भरतपुर विकासखंड में सुखमंती सिंह एक ऐसा नाम है जिन्होंने जनहित में अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया है चाहे वह घाघरा आश्रित ग्राम पौड़ीडोल में मूलभूत सुविधाओं की कमी के लिए प्रशासन को जगाना हो, चाहे वह रेत माफियाओं से ग्रामीण जनता के साथ दिन रात खड़े होकर लोहा लेना हो, चाहे विशेष पिछड़ी जनजाति शोषित पीड़ित दलित वर्ग के लिए आवाज उठानी हो अथवा वन राजस्व या अन्य प्रकरण के निराकरण के लिए जनता की आवाज बुलंद करनी हो, चाहे महिलाओं के हित को ध्यान में रखते हुए रात दिन उनके लिए लगे रहना हो, चाहे गोंड समाज के अध्यक्ष का दायित्व निभाते हुए प्रत्येक समाज चाहे वह ब्राह्मण,क्षत्रिय, साहू, यादव, राजवाड़े, चेरवा, बालंद,बैगा, अगरिया या कोई भी के हितबद्ध उनकी बहन श्रीमती सिंह सदैव कर्मशील रहती हैं। आखिरकार ऐसी कर्मशील मिलनसार सभी के सुख-दुख के साथी सुखमंती ने क्यों खटखटाया माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा।

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गृह ग्राम के मतदाता सूची में नाम विलोपित:–

आपको बता दे श्रीमती सिंह का नाम उनके गृहग्राम के मतदाता सूची से काट दिया गया था मतदाता सूची में नाम जोड़ने अथवा काटने के पूर्व सूचना देना चाहिए था जो नहीं हुआ।प्रावधान व निर्वाचन निर्देशिका के अनुसार अगर व्यक्ति कई दिनों तक उस स्थान को छोड़ दे फिर भी उसे सूचना देना व सहमति लेना अनिवार्य है अगर उक्त व्यक्ति का दो स्थान पर नाम है तब की स्थिति में एक स्थान से कटने के पूर्व सूचित किया जाना अथवा ग्राम सभा में उक्त व्यक्ति के लिए आदेश पारित किया जाना है लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं किया गया जबकि महिला नेत्री की खेतिहर भूमि,राशन कार्ड आधार व अन्य सभी दस्तावेज उनके गृहग्राम के है।

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एसडीएम भरतपुर को किया आवेदन :–

जब महिला नेत्री को इसकी जानकारी हुई तब उन्होंने ग्रामीणों के कहने पर भरतपुर एसडीएम के पास नाम जोड़ने हेतु आवेदन किया रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम भरतपुर ने इस मामले में कहा कि:–” मेरे आईडी में शो नहीं हो रहा है होगा तो जोड़ दिया जाएगा,एक व्यक्ति का नाम दो जगह नही हो सकता!” इस कथन पर भी बाद में एक मिथ्या उजागर हुआ एक व्यक्ति का दो जगह नाम नहीं हो सकता यह सत्य है। फिर अन्यत्र का व्यक्ति कैसे उसी क्षेत्र में चुनाव लड़ता है जानकारी तो यह भी मिली है कि कई का नाम कई कई जगह है उस पर कार्यवाही क्यों नही? अब प्रश्न उठता है व्यक्ति का नाम कब कहां किसने जोड़ा अन्यत्र? क्योंकि महिला नेत्री ने पूर्व में किसी भी प्रकार का आवेदन ना तो जोड़ने दिया था, ना तो काटने?जब श्रीमती सिंह को पता चला तब सीधे एसडीएम के संज्ञान में जानकारी दी गई आवेदन किया। साथ ही पुनः गृह ग्राम में नाम जोड़ने हेतु निवेदन किया।

एसडीएम ने आदेश किया पारित :–

इसी बीच भरतपुर एसडीएम प्रवीण भगत ने प्रकरण दर्ज किया और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कोटा डोल को जांच सत्यापन प्रतिवेदन लेने आदेशित किया अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में जांच उपरांत यह माना कि आवेदिका ग्राम पोड़ी की मूल निवासी है लेकिन एसडीएम भरतपुर यह मानने को तैयार नहीं थे उन्होंने न्याय नहीं करते हुए इस संवेदनशील मुद्दे पर तुगलकी फरमान जारी कर दिया कि आदीविका के आवेदन पत्र को दो स्थान में नाम होने के कारण अस्वीकृत किया जाता है आवेदिका में जबकि स्वयं आवेदन देकर यह मांग की थी कि बिना जानकारी दिए उनके नाम को काटा या जोड़ा गया है उन्हें उनके गृह ग्राम के मतदाता सूची में जोड़ा जाए जो किसी भी तरह निरस्त करने योग्य मांग नही थी।यह तो मौलिक अधिकार का स्पष्ट हनन था समय सीमा के भीतर ही उक्त आवेदन हो चुका था लेकिन स्थानीय प्रशासन यह मानने को तैयार ही नहीं था जबकि आवेदिका के पास समय सीमा में किए गए आवेदन सहित अन्य दस्तावेजी साक्ष्य थे।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त से संपर्क :–

इसी कड़ी में जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवम राज्य निर्वाचन आयोग दोनो ही के विभागीय प्रमुख से संपर्क स्थापित किया और निर्वाचन प्रक्रिया प्रकाशन प्रक्रिया के साथ वस्तु स्थिति से अवगत कराया उन्होंने स्पष्टरूप से कहा कि विधानसभा में जोड़ा जा सकता है अगर आवेदिका मूल निवासी हैं।उनके द्वारा एसडीएम भरतपुर को मौखिक आदेशित भी किया गया तब जाकर विधानसभा में दर्ज करने की बात कही गई स्थानीय का समय निकल गया है यह कहा गया।

कलेक्टर एवम जिला निर्वाचन अधिकारी से मिली महिला नेत्री :–

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री डी राहुल वेंकट से श्रीमती सिंह ने मिलकर अपने मौलिक अधिकार की बात की और प्रथम आवेदन दिया कलेक्टर एमसीबी ने उचित कार्यवाही करने की बात कही।

थक हारकर सुखमंती सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया:–

एसडीएम भरतपुर के कार्यप्रणाली से दुखी होकर अपने मौलिक अधिकार के रक्षा हेतु विलंब ना करते हुए सीधे माननीय उच्च न्यायालय का महिला नेत्री ने दरवाजा खटखटाया। माननीय न्यायालय ने उभय पक्षों के विद्वान वकीलों की दलील सुनी और निर्णय दिया की यदि याचिकाकर्ता चाहती है कि उनका नाम गांव की मतदाता सूची में जोड़ दिया जाए तो वर्तमान स्थान से हटाकर वह इस मामले में अपना नाम दर्ज कर सकती हैं। माननीय न्यायालय ने कहा कि एक स्थान की मतदाता सूची से अपना नाम दूसरे स्थान की मतदाता सूची में बदलने का अधिकार है, जो स्वयं उसका मूल स्थान है। इसलिए, उपरोक्त तथ्यों और याचिकाकर्ता के वकील द्वारा की गई प्रार्थना पर विचार करते हुए, प्रतिवादी संख्या 3 एसडीओ (राजस्व)-सह- चुनाव रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, जनपद पंचायत, भरतपुर, जिला एमसीबी द्वारा पारित 30.11.2024 (अनुलग्नक पी-1) के विवादित आदेश को खारिज करते हुए इस याचिका का निपटारा किया जाता है। राजस्व प्रकरण को पुनः खोलने तथा याचिकाकर्ता की शिकायत के निवारण के संबंध में कानून के अनुसार नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया जाता है।बशर्ते कि अंतिम मतदाता सूची अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है उपर्युक्त अवलोकन और निर्देश के साथ, रिट याचिका का निपटारा किया जाता है।

किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे: रमाशंकर मिश्रा

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आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा ने इस पूरे मामले में कहा कि यह निरंकुशता उचित नहीं है,इससे जनता का हित नहीं होगा उन्होंने आगे कहा कि सुखमंती सिंह चांग भखार के लिए जनकपुर क्षेत्र के लिए एक सजग प्रहरी की तरह सभी के सुख-दुख में खड़े रहती हैं समस्याओं के निराकरण में लगे रहती हैं ग्राम वासियों के हितबद्ध जनकपुर वासियों के लिए कार्य किया है आगे भी वे निरंतर जनहित में कार्य करती रहेगी। वे आम आदमी पार्टी की सक्रिय नेतृत्वकर्ता है संभाग अध्यक्ष है। वे जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति की प्रदेश अध्यक्ष हैं उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं।हम सब उनके साथ हैं और जनहित में लगे रहेंगे।

कर्मठ,जुझारू, मिलनसार, और लोकप्रिय महिला नेत्री है सुखमंती सिंह: एस. के.‘रूप’

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जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष एस. के.‘रूप’ ने कहा कि श्रीमती सुखमंती सिंह एक ऐसी महिला नेत्री हैं जो रात दिन लोगों के हितबद्ध लगी रहती हैं। उन्होंने अपना सुख जनता के सुख में देखा, उनके दुखों को अपना दुख माना है। और घर-घर जाकर भी उनकी समस्याओं या कोई भी प्रकरण का निराकरण हेतु हर संभव प्रयास करती हैं और यही एक सच्चे जनप्रतिनिधि का कार्य है माननीय उच्च न्यायालय में उन्होंने याचिका दायर की थी उनके पक्ष में आदेश हुआ है।जनहित संघ अंतर्गत पण्डो विकास समिति की सक्रिय पदाधिकारी है और अपने कर्म पथ पर अग्रसर ही रहती है।

कलेक्टर एमसीबी का स्वागतेय कदम :–

कलेक्टर एमसीबी श्री डी राहुल वेंकट ने इस पूरे मामले में पुनः आवेदन करने को कहा और आश्वासन दिया कि उक्त महिला नेत्री का नाम उनके गृहग्राम में जोड़ दिया जाएगा।एक सामान्य आवेदन की बात कही । इस पर श्रीमती सिंह के द्वारा द्वितीय सामान्य आवेदन जिला कलेक्टर के समक्ष किया गया।

क्षेत्र की जनता का हित ही मेरा परम कर्तव्य: आदिवासी महिला नेत्री सुखमंती सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम में माननीय उच्च न्यायालय को आभार के साथ प्रशासन को भी धन्यवाद ज्ञापित किया है जो उनकी उदारता वह नेक दिली को बयां कर रहा है उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता का हित ही मेरा परम कर्तव्य है। मेरे लिए मेरा परिवार मेरी जनता जनार्दन है जिनके लिए मैं सदैव कार्य करते हुए सुअवसर और सुख हेतु लगी रहती हूं। केवल जनहित में लगे रहना अपना दायित्व समझती हूं आगे भी शोषित पीड़ित जनता के हितबद्ध कार्य करती रहूंगी उन्होंने माता चांग देवी के आशीष से क्षेत्र के लिए हर संभव कार्य करने की बात कही और अपने शुभचिंतकों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

(आगे अगले अंक में : कुछ सवाल जनता के प्रशासन के नाम)

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