
बैकुन्ठपुर/छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती महोत्सव अंतर्गत शासकीय रामानुज प्रताप सिंहदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैकुण्ठपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना महिला एवं पुरूष इकाई द्वारा प्राचार्य एवं जिला संगठक डॉ. एम.सी.हिमधर के सरंक्षण एवं मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम अधिकारी द्वय श्रीमती जयश्री प्रजापति एवं श्री अनुरंजन कुजूर के संयोजन में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सौभाग्यवती सिंह कुसरो जिला पंचायत सदस्य कोरिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तद्उपरांत राज्यगीत की प्रस्तुति हुई। नव भारत उल्लास कार्यक्रम पर आधारित नारा लेखन प्रतियोगिता तथा रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नारा लेखन में प्रथम स्थान कु. रीता एम.एससी. तृतीय सेमेस्टर द्वितीय स्थान कु. साक्षी यादव बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर तथा तृतीय स्थान कु. अफसाना बानो, एम.एससी. तृतीय सेमेस्टर ने प्राप्त किया। रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर के सुषमावती, साक्षी यादव एवं निकित साहू के ग्रुप ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान अर्पणा सिंह, पूनम राजवाड़े, डोलिमा एवं ममता के गु्रप ने प्राप्त किया एवं तृतीय स्थान नीतू राजवाड़े, तेजस्विता के ग्रुप ने प्राप्त किया। नारा लेखन प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. राम यश पाल, श्री पुष्पराज सिंह एवं डॉ. कुलदीप ओझा रहे और रंगोली प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. अर्चना पाण्डेय, डॉ. प्रदीप द्विवेदी एवं श्रीमती नीलम गोयल रहे। उद्बोधन के क्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि शिक्षा सिर्फ अनुशासन एवं संस्कार आता है आज के दिवस में आप सभी जिले के प्रत्येक असाक्षर व्यक्ति को शिक्षित करने का संकल्प लीजिए ताकि हमारा जिला पूर्ण रूप से साक्षर हो सके। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. एम.सी.हिमधर ने कहा कि यूनेस्को के द्वारा सन 1965 में 08 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया गया। जिसका उद्देश्य लोगों को साक्षर करना है साथ ही सामाजिक और मानव विकास की अपने अधिकारों को जानने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया जा सके। मानव को अपने अधिकारों का जानने और कौशल को सीखने के लिए साक्षर होना जरूरी है। विकसित भारत तभी बनेगा जब देश का प्रत्येक नागरिक साक्षर होगा। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का थीम डिजिटल युग में साक्षरता को बढ़ावा देना निर्धारित किया गया है। भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत समाज में सभी के लिए शिक्षा पर केन्द्र प्रायोजित योजना उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम लागू किया गया है जिसके बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, बुनियादी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और सतत शिक्षा पांच घटक निर्धारित किये गऐ हैं। सभी स्वयं सेवकों को अपने मोहल्ले गांव में निरक्षर लोगों को पता कर उन्हें साक्षर करने में अपनी सेवाएं देना है। अज्ञानी को ज्ञान का बोध कराना या अंधेरे से ऊजाले मे लाना भी पूण्य का काम है। सफल कार्यक्रम आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ स्वयंसेविका तुनप्रिया यादव ने किया। अंत में कार्यक्रम संयोजक अनुरंजन कुजूर ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और जन -जन को साक्षर बनाने के इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता देने के लिए अपील की। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृष्णा राजवाड़े, निखिल साहू, तनिषा, ललिता, अर्पणा, तौफिक खान एवं धनेश्वर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



