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नारी और पानी का अद्भुत संयोग-जल संरक्षण की दिशा में कोरिया प्रशासन का नवाचार

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कोरिया  जल संरक्षण को लेकर देशभर में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। गिरते भूजल स्तर की चुनौती से निपटने के लिए आम जनता से लेकर शासन-प्रशासन तक अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसी दिशा में कोरिया जिला प्रशासन ने एक नवाचार करते हुए ‘आवा पानी झोंकी’ अभियान शुरू किया है, जिसका अर्थ है आओ सब मिलकर पानी को रोके। इस अभियान के तहत जल संरक्षण में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है।

नारी शक्ति से जल शक्ति की ओर पहल : 

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के नेतृत्व में ठंड के मौसम में जिला प्रशासन ने सोनहत विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं के सहयोग से नाले में बोरी बांधने का कार्य किया था। यह जल संरक्षण की दिशा में एक सफल प्रयोग साबित हुआ। इसी क्रम में अब 28 मार्च को बैकुंठपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पोटेडांड और डोहडा में जन चौपाल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जनभागीदारी से जल संरक्षण योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।

भारत सरकार द्वारा ‘नारी शक्ति से जल शक्ति’ अभियान के तहत यह पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को जल संरक्षण की मुख्यधारा में लाना है। भारतीय समाज में नारी और पानी का गहरा संबंध है, क्योंकि घरेलू उपयोग से लेकर कृषि कार्यों तक महिलाएं ही सबसे अधिक जल संसाधनों का उपयोग करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने महिलाओं को जल संरक्षण का नेतृत्व देने जैसे निर्णय ले रहे हैं।

जल संरक्षण के लिए समग्र योजना : 

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इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा, जिसमें ग्राम स्तर पर जन चौपाल का आयोजन, स्वयंसेवकों और युवाओं का चयन, जन प्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करना, जल बहिनी दल के माध्यम से वाटर लेवल सर्वे, ट्रांजिट वॉक कर जल स्रोतों की मैपिंग जैसे कार्य। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने हाल ही में इस विषय पर एक कार्यशाला एवं मैदानी भ्रमण का आयोजन भी किया था। अब आगामी ग्राम वार बैठक में जल संरक्षण के लिए ठोस रणनीति पर अमल किया जाएगा।

कलेक्टर का संकल्प-हर हाल में बचाना है पानी : 

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने कहा कि, हमारा उद्देश्य है कि गिरते भूजल स्तर को हर हाल में रोका जाए। पानी बचाने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है और इसके लिए महिलाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि जल संरक्षण कार्यों को ठोस रूप से क्रियान्वित किया जाए।

जल संरक्षण को मिलेगी नई दिशा : 

‘आवा पानी झोंकी’ अभियान केवल एक पहल नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन का रूप लेने जा रहा है, जिसमें महिलाओं को जल संरक्षण का नेतृत्व सौंपा जाएगा। यह अभियान केवल पानी बचाने का नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को भी बढ़ावा देने का एक प्रयास है। जिला प्रशासन की इस नवाचार से निश्चित रूप से जल संरक्षण को एक नई दिशा मिलेगी।

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