कोरिया

कच्ची शराब का अवैध कारोबार जोरो पर.. युवा पीढ़ी ज्यादा प्रभावित, समाज को खतरा,प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर/ चिरमिरी क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब का कारोबार एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिससे युवा पीढ़ी और समाज दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। इस अवैध धंधे को रोकने के लिए प्रशासन और आबकारी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी निष्क्रियता ने इसे और बढ़ावा दिया है।

आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण अवैध कारोबारी बेखौफ होकर अपने धंधे को अंजाम दे रहे हैं। चिरमिरी के आबकारी सर्किल ऑफिसर क्षेत्र में शायद ही कभी नजर आते हैं, जिससे शिकायतें करना और जवाब मांगना बेमानी सा लगता है।

1-2-300x169 कच्ची शराब का अवैध कारोबार जोरो पर.. युवा पीढ़ी ज्यादा प्रभावित, समाज को खतरा,प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह
पुलिस विभाग समय-समय पर कार्यवाही तो करता है, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। आबकारी विभाग की सुस्ती के कारण अवैध कारोबारी और अधिक सक्रिय हो गए हैं।

2-2-300x169 कच्ची शराब का अवैध कारोबार जोरो पर.. युवा पीढ़ी ज्यादा प्रभावित, समाज को खतरा,प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह
महुआ की कच्ची शराब में नशीले और खतरनाक केमिकल मिलाकर बेचा जा रहा है, जिससे लोगों को नशे का आदी बनाया जा रहा है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

3-2-300x169 कच्ची शराब का अवैध कारोबार जोरो पर.. युवा पीढ़ी ज्यादा प्रभावित, समाज को खतरा,प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह
अब सवाल उठता है कि क्या जिला प्रशासन और आबकारी विभाग इस अवैध कारोबार पर लगाम लगा पाएंगे, या चिरमिरी क्षेत्र यूं ही कच्ची शराब का गढ़ बना रहेगा? जिला आबकारी अधिकारी शशिकला पैकरा ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहीं हैं और जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे।
अगर प्रशासन और विभाग समय रहते ठोस कदम नहीं उठाते हैं, तो चिरमिरी क्षेत्र के हालात और बिगड़ सकते हैं। अवैध कच्ची शराब का यह कारोबार युवाओं और समाज के भविष्य को बर्बाद करने पर आमादा है। इसलिए, प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और इस अवैध धंधे को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

[wp1s id="1076"]

स्थानीय निवासी “हमारे मोहल्ले में हर दिन कच्ची शराब बिकती है। युवा बर्बाद हो रहे हैं, और प्रशासन कुछ नहीं कर रहा।”

स्थानीय निवासी “अब समय आ गया है कि प्रशासन सख्त कार्रवाई करे।”

शशिकला पैकरा, जिला आबकारी अधिकारी एमसीबी “हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे।”

स्थानीय प्रशासन और जिला आबकारी विभाग पर नजर
अब सवाल उठता है कि क्या जिला प्रशासन और आबकारी विभाग इस अवैध कारोबार पर लगाम लगा पाएंगे, या चिरमिरी क्षेत्र यूं ही कच्ची शराब का गढ़ बना रहेगा?

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!