कृषि विज्ञान केंद्र पर मनरेगा लोकपाल ने 20 लाख 32 हजार रुपए की वसूली एवं 1000 रु अर्थदंड से दंडित करने अनुशंसा की
कार्यों में लापरवाही एवं विभागीय मद का दुरूपयोग हुआ उजागर...खुद लोकपाल ने क्षेत्र का किया भ्रमण और पौध रोपण कार्य में पाई अनियमितता उजागर हुआ झूठा कथन

एस. के.‘रूप’
बैकुंठपुर–कोरिया/ शासन की राशि का दुरुपयोग बंदरबाट और भ्रष्टाचार आम बात हो गई है लेकिन जब बात पर्यावरण, औषधि जैव विविधता, भू संरक्षण, भूजल स्तर आदि से संबंधित हो जो भविष्य के मानवीय अस्तित्व के लिए आवश्यक है तब ऐसे भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारियों पर क्षोभ होता है कि खुद की झोली भरने और शासकीय राशि का दुरुपयोग करने के लिए भविष्य के साथ खिलवाड़ तक कर जाते हैं।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कृषि विज्ञान केंद्र सलका बैकुंठपुर में पदस्थ कृषि वैज्ञानिक कमलेश सिंह ने विगत वर्ष फलदार वृक्षारोपण एवं औषधि रोपण के कार्य में शासकीय राशि का दुरुपयोग कर लाखों रुपए का गबन कर दिया है।
ऐसे आया मामला सामने:–
इसपर बैकुंठपुर के तीन परिवादीगण/ शिकायतकर्ताओं ने लोकपाल महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कोरिया छत्तीसगढ़ के समक्ष लिखित रूप में शिकायत प्रस्तुत किया । शिकायत एक व्यक्ति एवं विभाग प्रमुख के विरुद्ध था इसलिए तीनों शिकायतकर्ताओं के शिकायत का निवारण मनरेगा लोकपाल मलखान सिंह ने एक साथ किया।
जानिए क्या हुई शिकायत :–
कृषि विज्ञान केंद्र बैकुंठपुर में पदस्थ कमलेश सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख के द्वारा मनरेगा योजना मद से ग्राम पंचायत फूलपुर में बृहद रूप से नारियल वृक्षारोपण एवं औषधि फसलों का 46.94 लाख का कार्य कराया गया है तथा औषधी सुगंधित फलदार पौधों की बागवानी 121.98 लाख के कार्य ग्राम पंचायत जगतपुर, उमझर, रटगा, भण्डारपारा, सारा,दुधनिया ग्राम में कराया गया है जो की स्थल पर है ही नही। जिसकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने संबंधित शिकायत की गई थी।
क्या कहा जवाब में कृषि विज्ञान केंद्र ने:–
इस पर लोकपाल ने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिकों को नोटिस तलब किया और वैज्ञानिक ने जवाब प्रस्तुत किया कि कृषि विज्ञान केंद्र सलका के द्वारा ग्राम पंचायत जगतपुर, उमझर, भंडारपारा, सारा, दुधनीया में कृषकों के हित में कार्य करते हुए पौधों का विधिवत वृक्षारोपण कराया गया है।कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा वृक्षारोपण की बाकायदा सूची भी लोकपाल को प्रेषित की गई।
मनरेगा लोकपाल ने किया निरीक्षण:–
इस पर लोकपाल ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया जिसमें दिनांक 11/ 5/2024 को ग्राम पंचायत भंडारपारा में सरपंच, रोजगार सहायक तथा उपस्थित ग्रामीण वीरेंद्र, रमेन,भैयालाल अजय सिंह और बसंत के द्वारा पंचनामा में बताया गया कि स्थल पर नारियल व आम पौधारोपण बताया गया है वास्तविकता में नहीं है। इस स्थल पर फ्लाई ऐश ईंट का निर्माण किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा किया जा रहा है इस पर कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि पूर्व में कराया गया था जो अब सूख गया है।इसी तरह लोकपाल ने इस दिनांक को ही ग्राम पंचायत फूलपुर आश्रित शंकरपुर का निरीक्षण किया जिसमें तार फेंसिंग था पर वृक्षारोपण नहीं जहां ग्रामीण कमलेश,जयंत ,छोटेलाल व राजकुमार ने पंचनामा में कहा कि नारियल व तेज पत्ता का पौधारोपण बताया गया है जो स्थल से गायब है। इसी तरह 15/6/ 2024 को ग्राम रटगा में एवं उमझर में स्थल निरीक्षण किया गया जहां सरपंच सहित ग्रामीणों ने पंचनामा में बताया कि कुछ लेमन ग्रास व फलदार पौधे लगे थे लेकिन देखरेख के अभाव में सूख गया और खत्म हो गया।
लोकपाल का निर्णय व ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय को अनुशंसा:–
लोकपाल के अनुसार स्थल निरीक्षण व प्रस्तुत दस्तावेज के निरीक्षण से यह स्पष्ट हो जाता है कि गंभीर लापरवाही कार्य में करते हुए शासन के पैसे का दुरूपयोग हुआ है। ग्राम पंचायत रटगा में सामग्री में 1.97 लाख रु मजदूरी में 3.36 लाख रु, भंडारपारा में सामग्री में 7. 49 लाख रु मजदूरी में 11.47 लाख रु,फूलपुर में 4.5 लाख, मजदूरी में 8.38 लाख, शंकरपुर में क्रमशः 5.11 लाख, 4.71 लाख रु तथा मजदूरी 8.38 लाख रुपए कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा व्यय किया गया है। उक्त राशि का अंश भाग शासन स्तर पर किया जाना आवश्यक है। यदि सभी राशियों का आकलन किया जाए तो अनावश्यक किए गए कुल राशि में से 25% की राशि वसूल किया जाना नितांत आवश्यक है। क्योंकि कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा कृषकों के हित में शासन के लाभकारी योजना का खुलकर दुरुपयोग किया गया है। कुल 81.28 लाख रुपए का लगभग कार्य किया गया है जिसमें 25% राशि 20.32 लाख रुपए वसूला जाना न्याय हित में आवश्यक है।लोकपाल ने फलदार एवं औषधि पौधों का रोपण नहीं करने, अपने प्रतिवेदन में गलत भ्रामक जानकारी देने,कार्य में लापरवाही करने पर कृषि विज्ञान केंद्र से 20 लाख 32 हजार की वसूली 90 दिवस के अंदर करके राज्य रोजगार गारंटी कोष में जिला पंचायत कोरिया के माध्यम से करने प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन अटल नगर नया रायपुर को अनुशंसा प्रेषित किया है। साथ ही 1000 रु अर्थ दंड से दंडित करने अधिनिर्णय पारित किया है।



