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कौशल्या माता विहार योजना : रजिस्ट्री नहीं कराने वालों के फ्लैट्स होगें निरस्त

आरडीए पर देखरेख और सुरक्षा खर्च का बढ़ता बोझ

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रायपुर-  कौशल्या माता विहार योजना (कमल विहार) में जिन आवंटितों ने फ्लैट्स की संपूर्ण राशि जमा करा दी किन्तु रजिस्ट्री करवा कर कब्जा नहीं ले रहे हैं। ऐसे आवंटितियों के फ्लैट्स निरस्त कर दिए जाएगें । ऐसे आवंटितियों को को रजिस्ट्री करवाने के लिए पहले सूचना दी जाएगी। यदि वे रजिस्ट्री नहीं करते हैं तो उनके फ्लैट्स निरस्त करने की कार्रवाई रायपुर विकास प्राधिकरण व्दारा की जाएगी। फ्लैट्स बन जाने के बाद प्राधिकरण को ऐसे आवंटितियों के फ्लैट्स की देखरेख व सुरक्षा में अतिरिक्त व्यय करना पड़ रहा है जिससे प्राधिकरण को हर महीने अतिरिक्त आर्थिक बोझ सहना पड़ रहा है।  

सीईओ ने फ्लैटों में जा कर निवासियों से पूछा – कोई समस्या तो नहीं..

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुन्दन कुमार ने चार घंटे तक कौशल्या माता विहार योजना का सघन दौरा कर किया। उन्होंने तकनीकी, राजस्व शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों से फ्लैट्स की समस्याओं के बारे जानकारी ली। वे निवासरत लोगों के फ्लैट्स में गए और उनसे पूछा कि “उन्हें यहां कोई समस्या तो नहीं है ? ” इस पर लोगों ने नालियों, सीपेज, साफ सफाई और स्ट्रीट लाईट नहीं जलने की समस्या बताई ।

जिस पर श्री कुमार ने तकनीकी अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्य सड़कों पर नियमित रुप से लाईट जले यह सुनिश्चित किया जाए। शिकायतकर्ता ने जो शिकायत की है उस स्ट्रीट लाईट को आज शाम से शुरु कर दें। उन्होंने निवासियों की मांग पर फ्लैट्स के पानी की पाईप लाईन में वाल्व लगाने का भी निर्देश दिया। जिन घरों में निर्माण की समस्याएं है उन्हें ठेकेदार के डिफेक्ट लाईबिल्टी पीरियड़ के अन्तर्गत होने के कारण सुधार कार्य कराने का भी निर्देश दिया।

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आरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने योजना के विभिन्न सेक्टरों में निर्मित फ्लैट्स का निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया तथा योजना में निर्मित ईड्ब्लूएस, एलआईजी फ्लैट्स के आवंटन की स्थिति, रिक्त फ्लैट्स, निवासरत फ्लैट्स की संख्या से भी अवगत हुए। अधिकारियों ने उन्हें बताया गया कि रिक्त फ्लैट्स का विक्रय विज्ञापन के माध्यम से किया जा रहा है। स्थल निरीक्षण के दौरान सेक्टर – 2 में निर्माणाधीन रोहाऊस के 32 मकानों का भी अवलोकन किया गया। कार्य में देरी कारण उपस्थित ठेकेदार को फटकार लगाई और 18 अप्रैल तक मकानों का निर्माण कार्य पूर्ण करने हेतु लिखित सहमति ली गई।

इस मौके पर प्राधिकरण के अधीक्षण अभीयंता अनिल गुप्ता व एम.एस. पांडे, कार्यपालन अभियंता सुशील शर्मा, सहायक अभियंता विवेक सिन्हा, उप अभियंता कीर्ति केमरो, राकेश मनहरे, राजस्व अधिकारी श्रीमती ज्योति सिंह उपस्थित थी।

 

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